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जागरण संवाददाता, कानपुर : नजीराबाद थाने के लक्ष्मीरतन कालोनी निवासी हलवाई शैलेंद्र यादव ने मंगलवार देर रात मारपीट के आरोपितों पर पुलिस के कार्रवाई न करने से क्षुब्ध होकर थाने में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर पुलिस के हाथ पैर फूल गए। आनन-फानन में शैलेंद्र को पुलिस ने एलएलआर अस्पताल (हैलट) में भर्ती कराया है।

लक्ष्मीरतन कालोनी में स्थित सौ वर्ग गज के मकान में शैलेंद्र के साथ उसके भाई अरविंद, सुनील, दीपक और धरम का परिवार रहता है। धरम की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। शैलेंद्र की पत्नी नेहा का आरोप है कि उनके हिस्से का मकान खाली कराने को लेकर देवर दीपक और भतीजा सौरभ आए दिन गाली-गलौज व मारपीट करते थे। आरोप है कि रविवार और सोमवार को भी दोनों ने मिलकर उन्हें और पति को पीटा था। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं मंगलवार की सुबह भी दोनों ने पति-पत्नी को घर से खींचने के बाद सड़क पर पिटाई की थी। जिसकी शिकायत दंपती ने थाने पहुंचकर की थी। जिस पर पुलिस मारपीट के दोनों आरोपितों को थाने लायी थी। आरोप है देर शाम पुलिस ने मारपीट के आरोपित चाचा भतीजे को छोड़ दिया। मामले की जानकारी दंपती को हुई तो इसकी शिकायत लेकर शैलेंद्र थाने पहुंचा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों के डपटने पर शैलेंद्र रावतपुर गया। जहां से जहरीला पदार्थ लेकर थाने आया और खा लिया। हालत बिगड़ने पर आनन-फानन अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं शैलेंद्र की मां कलावती का कहना है कि दोनों बहुओं के बीच मारपीट हुई थी। उन्होंने बीच बचाव किया तो बहुओं ने पीटा। इसके बाद दोनों बेटों के बीच मारपीट हुई। जिसके बाद एक पक्ष से नेहा, शैलेंद्र तो दूसरे पक्ष से दीपक और उसकी पत्नी तनू भी थाने आये थे। जिसके बाद शैलेंद्र कहीं चला गया। आरोप है कि नेहा ने ही शैलेंद्र को जहर खिला दिया और फंसाने की धमकी दे रही।

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प्रार्थना पत्र के आधार पर कार्रवाई की जायेगी। वहीं पूरे मामले की जांच सीओ नजीराबाद गीतांजलि सिंह को सौंपी गई है। अगर पुलिसकर्मियों की कोई लापरवाही मिलती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी।

-रवीना त्यागी, एसपी साउथ

Posted By: Jagran

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