कानपुर, जेएनएन। लोकसभा चुनाव के बाद भी नेताओं के बिगड़े बोल थमने का नाम नहीं ले रहे। बुधवार को एक प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक सोहेल अख्तर अंसारी इतने उग्र हो गए कि उन्होंने सेना को गुंडा बता दिया। हालांकि विधायक का भी आरोप है कि सेना ने उनका अपमान किया। विधायक छावनी क्षेत्र स्थित एक मजार के सामने सेना द्वारा बाड़बंदी किए जाने और रास्ता न दिए जाने के विरोध में वहां पहुंचे थे।

सैन्य क्षेत्र में अवैध ढंग से आवाजाही को रोकने के लिए सेना छावनी क्षेत्र स्थित ए-1 डिफेंस लैंड में बाड़बंदी करा रही है। बुधवार को सेना के अधिकारी 48 आम्र्स ब्रिगेड के सामने स्थित सैन्य भूमि पर लोहे की जालियां लगा रहे थे। सड़क किनारे ही सैय्यद बाबा की मजार और कब्रिस्तान है। सेना द्वारा मजार के लिए पांच मीटर चौड़ा रास्ता दिया गया था। दोपहर को बड़ी संख्या में लोग मजार पर एकत्र हो गए। कुछ देर में विधायक व शहर काजी मौलाना मोहम्मद आलम रजा खां नूरी भी पहुंच गए।

स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद यह तय हुआ कि सेना द्वारा की जा रही बाड़बंदी गलत है। उन्होंने मजार के सामने से रास्ता मांगा। इधर सेना की ओर से एसएसओ यूके वैश्य भी पहुंच गए। बातचीत के दौरान माहौल गरम हो गया। लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी तो सेना ने सख्त रुख अपनाया और स्पष्ट कर दिया कि जहां से रास्ता दिया जा रहा है वह सही है। न तो नया रास्ता दिया जाएगा और न इसे शिफ्ट किया जाएगा। इतने में दोनों ओर से बहस होने लगी। इस बहस में विधायक अपना आपा खो बैठे।

गुस्से में सेना को गुंडा बताते हुए वह धरने पर बैठ गए। उन्होंने सैन्य अधिकारियों को चेतावनी दी कि वह उन्हें विधानसभा में पेश कराएंगे क्योंकि उनका अपमान किया है। विधायक ने जवानों द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठियां फटकारने का आरोप भी लगाया। इधर सूचना पर एडीएम सिटी विवेक श्रीवास्तव, एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल, सीओ कैंट रवि कुमार व कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। पुलिस ने किसी तरह से मामला संभाला।

स्टेशन हेडक्वार्टर में सुलह समझौते की मशक्कत

हंगामे के बावजूद सेना ने काम बंद नहीं किया। इस घटनाक्रम के बाद विधायक ने डीएम विजय विश्वास पंत से बात की और अपना पक्ष रखा। डीएम के निर्देश पर एडीएम सिटी, एसपी पूर्वी, सीओ कैंट के साथ विधायक व शहर काजी स्टेशन हेडक्वार्टर पहुंचे। यहां पर सभी की एडम कमांडेंट एके राय से करीब एक घंटे तक वार्ता हुई। विधायक ने बताया कि एडम कमांडेंट ने साथ गए लोगों से लेआउट मांगा है, ताकि उच्चाधिकारियों से बात कर कोई फैसला लिया जा सके।

इनका ये है कहना

आम्र्स ब्रिगेड के ट्रक मजार के ठीक बगल से होकर गंतव्य तक जाते हैं। मजार ए-1 लैंड पर स्थित है। धार्मिक आस्था को चोट न पहुंचे इसलिए बगल से पांच मीटर का रास्ता दिया गया। यहां से सेना के ट्रक भी निकल सकेंगे और मजार पर जाने वाले लोग भी। मजार के सामने से रास्ता देने से ट्रक निकलने में समस्या होगी। सुरक्षा की दृष्टि से दो रास्ते नहीं दिए जा सकते। यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। विधायक ने काम रुकवाने की कोशिश की। यह भी सही है कि उन्होंने सेना को गुंडा भी कहा।

- यूके वैश्य, एसएसओ स्टेशन हेड क्वार्टर

गुस्से में शब्द निकल गया। सेना के अधिकारियों ने मेरा अपमान किया। मैं आम लोगों की बात कर रहा था। जहां तक विधानसभा में सैन्य अधिकारियों को पेश कराने की बात है, यह मेरा अधिकार है। फिर भी दूसरे सैन्य अधिकारियों ने मामले को हल करने में रुचि दिखाई है। अब मुझे कोई शिकवा नहीं है।

- सोहेल अख्तर अंसारी, विधायक 

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Posted By: Abhishek