जागरण संवाददाता, कानपुर : अब वह दिन दूर नहीं जब अव्यवस्थाओं का रोना रोने वाला वाला बांट-माप विभाग उपभोक्ताओं को ऑनलाइन नोटिस भेजेगा। कागजों पर होने वाला पत्राचार ई-मेल से होगा क्योंकि अब बांट-माप विभाग भी हाईटेक होगा। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का क्रम शुरू हो चुका है। विभाग ने शासन से कंप्यूटर और इंटरनेट की डिमांड की है। ऑनलाइन होने के बाद विभाग के पास सबसे बड़ी चुनौती 20 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं का डाटा फीड करने की होगी।

--------

डिजिटल हस्ताक्षर बनाए गए

जिले की बांट माप विभाग टीम में अधिकारी और कर्मचारी मिलाकर 30 का स्टाफ है। सभी के डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जब वेबसाइट लाच होगी तो कर्मचारी इसी डिजिटल हस्ताक्षर के जरिये साइट पर काम कर सकेंगे।

---------

मंडल कार्यालयों के लिए मांगा कंप्यूटर

कानपुर मंडल में बांट माप विभाग के 11 कार्यालय हैं। इनमें जहां कंप्यूटर नहीं है, उनके लिए कंप्यूटर व इंटरनेट की डिमांड की गई है। रामबाग, कन्नौज, छिबरामऊ, फर्रुखाबाद के लिए एक और मुरे कंपनी पुल स्थित मुख्यालय के लिए दो कंप्यूटर मांगे गए हैं।

फीड होगा 20 हजार उपभोक्ताओं का डाटा

बांट माप विभाग को करीब 20 हजार उपभोक्ताओं, जिसमें व्यापारी, दुकानदार, गैस एजेंसियां, धर्म कांटा, पेट्रोल पंप संचालक हैं का डाटा फीड करना होगा। इन सभी को लाइसेंस के लिए प्रतिवर्ष आवेदन करना होता है। डाटा फीड होने के बाद उपभोक्ता समय से रिन्यूवल नहीं कराते हैं तो उन्हे ऑनलाइन नोटिस भेजा जा सकेगा।

वेबसाइट पर चल रहा काम

सूत्र बताते हैं कि 15 अगस्त को खुद मुख्यमंत्री ई-ऑफिस का उद्घाटन कर सकते हैं इसके लिए विभाग की वेबसाइट द्यद्गद्दड्डद्यद्वद्गह्लह्मश्रद्यश्रद्द4-ह्वश्च.द्दश्र1.द्बठ्ठ पर काम अभी चल रहा है। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि वेबसाइट के अस्तित्व में आते ही उपभोक्ता घटतौली आदि की शिकायतें भी ऑनलाइन कर सकेंगे।

---------

ये होंगे फायदे

-वार्षिक सत्यापन की नोटिस ऑनलाइन भेजी जा सकेगी

-पेपर वर्क खत्म होगा

-समय की बचत होगी

-शिकायतों का निस्तारण तेजी से होगा

-कई कार्यालय मैनुअली रिपोर्ट भेजते है, तब ऑनलाइन रिपोर्ट मिलेगी

-शिकायतें लखनऊ मुख्यालय की निगाह में होंगी

----------

काम ऑनलाइन होने से उपभोक्ताओं के साथ हमें भी फायदा होगा। कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यालयों की जरूरत के मुताबिक शासन से कंप्यूटर और इंटरनेट की मांग की गई है।

आरपी सिंह, सहायक नियंत्रक बांट माप विभाग

By Jagran