जागरण संवाददाता, कानपुर : प्रदेश भर में लखनऊ-कानपुर खुरासान माड्यूल के सदस्य हैं। जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम ऐसे 12 संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है जो आंतकी गतिविधियों में शामिल होकर गु्रप को बढ़ाने में जुटे हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि जिस हद तक यह लोग आइएस से प्रभावित है, उससे लगता है कि इन्होंने अपने आसपास रहने वालों को भी जोड़ा होगा।

जांच एजेंसी सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए गौस मोहम्मद, दानिश, फैसल, अजहर, फखरे, रॉकी रानावत आदि से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इन लोगों ने जम्मू से कन्याकुमारी तक कई शहरों में घूमकर लोगों को जोड़ा है। जिनसे फर्जी फेसबुक आइडी और फेसबुक पेज के माध्यम से जुड़े थे। सोशल मीडिया, सिमी और आइएसआइएस के स्लीपिंग मॉड्यूल के माध्यम से चल रहे देशव्यापी खुरासान मॉड्यूल के नेटवर्क को यह लोग प्रदेश में चला रहे थे। इनके मध्य प्रदेश, तेलंगाना, केरल, बिहार व उत्तराखंड से भी इनके जुड़े होने की बात की जांच की जा रही है। इन्हीं के पास से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस संदिग्ध लोगों के लिंक तलाशने के बाद उनकी तलाश कर रही है। जो प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रहते है। ये एयरफोर्स से सेवानिवृत गौस मोहम्मद उर्फ अंकल के वह चेले हैं जिनका उसने ब्रेन वाश कर जेहादी बना दिया।

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एटीएस संदिग्ध लोगों का कर रही डी-रैडिकलाइजेशन

डी-रैडिकलाइजेशन के माध्यम से एटीएस संदिग्ध आतंकियों के संपर्क में आए युवकों को सही रास्ते पर लाने का काम कर रही है। इसके लिए उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर सामाजिक सरोकार से जुड़ने के लिए मोटीवेट किया जा रहा है। इसके लिए समाजसेवियों के साथ शिक्षाविदों व धर्म गुरुओं का सहारा लिया जा रहा है।

Edited By: Jagran