कानपुर के नयागंज बाजार में त्योहारी रंग, मेवों की मिठास और मसालों की तीखी गंध से 150 साल पुरानी मंडी गुलजार
त्योहारों की दस्तक के साथ कानपुर का नयागंज बाजार मेवों और मसालों की खुशबू से महक उठा है। इस साल चीनी मेवों की बढ़ती मांग देखी जा रही है।

मेवों की मिठास और मसालों की तीखी गंध से गुलजार हुई 150 साल पुरानी मंडी।
HighLights
नयागंज बाजार में त्योहारों के लिए मेवों और मसालों की धूम।
चीनी मेवों की मांग बढ़ी, भारतीय मेवों से काफी सस्ते।
गिफ्ट पैक में सस्ते चीनी मेवे बन रहे पहली पसंद।
जागरण संवाददाता, कानपुर। दशहरा, करवाचौथ और दीपावली की दस्तक के साथ ही 150 साल पुराने नयागंज बाजार की हवा में मिर्च-मसाले की तीखी गंध के साथ मेवों की मिठास भी घुलने लगी है। सूरज की गुनगुनी धूप के साथ ही मेवों और मसालों के सौदे भी जोर पकड़ने लगे हैं।
त्योहारी खरीद के लिए आस-पास के 200 किमी दूर की बाजारों से चलकर आने वाले कारोबारियों की भीड़ अब देर शाम तक बाजार में बनी रहती है। बाजार में इस साल चीन से आने वाले बादाम, अखरोट और किशमिश की भी मांग है जो गिफ्ट पैक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को रास आ रहे हैं।
घंटाघर से सराफा बाजार तक फैले नयागंज में दुकानों के बाहर मेवों और मसालों की बोरियां खुली हैं तो गलियों में ई-रिक्शों और हाथठेलों पर माल लदकर लगातार आगे बढ़ रहा है।
पल्लेदारों की आवाज, खरीदारों का मोलभाव और वाहनों के हार्न से पूरा बाजार त्योहारी कारोबार की कहानी बयां कर रहा है। अलग-अलग किस्म के मेवों में पिछले दिनों में करीब 100 से 250 प्रतिकिलो तक की बढ़ोतरी ने से सस्ते माल की तलाश में भटकने वाले कारोबारी चीन से आने वाले मेवों को तरजीह दे रहे हैं।
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गिफ्ट पैक में चीन के मेवों की बढ़ी हिस्सेदारी
त्योहारों पर रिश्तेदारों, कारोबारी संस्थानों और कंपनियों को देने के लिए तैयार किए जाने वाले गिफ्ट पैक में सस्ते मेवों की मांग तेजी से बढ़ी है। कारोबारी बताते हैं कि चाइनीज अखरोट, बादाम और किशमिश बाजार में पहले से बिकने वाले मेवों के मुकाबले सस्ते हैं।
चाइनीज अखरोट करीब 600 रुपये किलो है, जबकि भारतीय और कश्मीरी अखरोट की कीमत 900 से 950 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच रही है। इसी तरह भारतीय किशमिश 350-400 किलो के मुकाबले चाइनीज किशमिश करीब 300 रुपये प्रति किलो में मिल रही है।
नयागंज बाजार में लगभग 1500 दुकानें है। मेवा और मिर्च-मसाला का कारोबार ही इस बाजार की पहचान है।
- विश्वनाथ गुप्ता (राजू मखाना) मेवा कारोबारीकभी पूरे प्रदेश का मेवा-मसाला कारोबार नयागंज से संचालित होता था। अब भी आस-पास के जिलों व कस्बों के व्यापारी त्योहारी सीजन के लिए मेवा-मसाले खरीदने यहां पहुंचते हैं। बाजार में त्यौहारी हलचल बढ़ी है।
- अवधेश बाजपेई, अध्यक्ष नयागंज किराना मर्चेंट एसोसिएशन
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