कानपुर, जागरण संवाददाता : जीटी रोड को जाम से मुक्त करने के लिए अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ी पहल की है। उन्होंने फर्रुखाबाद रेलमार्ग को मंधना से पनकी तक डायवर्ट कराने की पहल की है। उम्मीद है कि आगामी रेल बजट में इस परियोजना पर मुहर लग सकती है। ट्रैक डायवर्जन से होने वाले फायदे से जुड़ी रिपोर्ट डीएम ने मुख्यमंत्री को भेजी है।

वर्तमान में अनवरगंज से फर्रुखाबाद तक सिंगल ट्रैक है और सेंट्रल स्टेशन से कासगंज तक करीब 24 जोड़ी ट्रेनें चलती हैं। इन्हीं ट्रेनों के आवागमन पर रेलवे क्रासिंग पैसेंजर ट्रेनों की वजह से 48 बार तो मालगाड़ियों की वजह से पांच से छह बार बंद होती हैं। इस वजह से जीटी रोड पर जाम लगता है। कल्याणपुर से जरीबचौकी तक जीटी रोड पर रफ्तार थम जाती है। अब सेंट्रल स्टेशन से बरेली तक ट्रैक तैयार हो चुका है। ऐसे में तीन दर्जन से अधिक ट्रेनें इसी रूट से चलाने की तैयारी है यदि ऐसा होता है तो फिर जाम की समस्या और विकराल हो जाएगी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने डीएम से रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने रिपोर्ट में कहा कि यदि मंधना से अनवरगंज तक ट्रैक हटा दिया जाए और इस रेलवे लाइन को पनकी के पास दिल्ली हावड़ा रूट से जोड़ दिया जाए तो क्या फायदा होगा। डीएम ने उन्हें पूरी रिपोर्ट भेज दी है और कहा है कि यदि ट्रैक शिफ्ट कर दिया जाए तो जीटी रोड जाम से मुक्त हो जाएगा। दूसरा रेलवे क्रासिंगों पर ओवरब्रिज नहीं बनाने पड़ेंगे। शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक आना जाना आसान हो जाएगा। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने इस ट्रैक को शिफ्ट करने के लिए रेल मंत्री से भी बात की है।

पहले हो चुका है सर्वे

मंधना से अनवरगंज के बीच ट्रैक को खत्म करने और मंधना से पनकी तक नया ट्रैक बनाने की पहल तीन साल पहले हुई थी। रेलवे की टीम ने बाकायदा इसका सर्वे भी कर लिया था। सर्वे में नये ट्रैक के निर्माण को जरूरी बताया गया था, लेकिन सर्वे के बाद फाइल दब गई थी।

मंधना से अनवरगंज तक 19 क्रासिंग

अनवरगंज से मंधना के बीच 19 रेलवे क्रासिंग हैं। कल्याणपुर, बगिया क्रासिंग, शारदा नगर क्रासिंग, गुटैया क्रासिंग, कोकाकोला क्रासिंग, गुमटी नंबर पांच क्रासिंग, जरीबचौकी क्रासिंग पर सर्वाधिक जाम लगता है। 24 घंटे में करीब 6 घंटे गेट बंद रहता है। इससे लोगों को परेशानी होती है।

ओवरब्रिज बनने में दिक्कत

रेलवे क्रासिंगों पर ओवरब्रिज बनाने में दिक्कत आ रही है। जरीबचौकी रेलवे क्रासिंग पर नजर डालें तो यहां पहले भी सर्वे हुआ था। तब कहा गया था कि पाइप लाइन, सीवर लाइन और अलग-अलग रास्ते होने की वजह से ब्रिज नहीं बन सकता हालांकि फिर से मल्टी डायमेंशन पुल बनाने की कवायद हो रही है। यही समस्या कोकाकोला और गुमटी क्रासिंग पर आ रही है।