कानपुर, जागरण संवाददाता : विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर ग्वालटोली स्थित आरोग्य धाम के बाहर तंबाकू उत्पादों की होली जलाई गई। इस मौके पर लोगों ने नशा न खाने की कसम खाई। परिचर्चा में मौजूद डॉक्टरों से धूमपान से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। साथ ही शारीरिक क्षमता की जांच भी कराई।

आरोग्य धाम के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हेमंत मोहन ने बताया कि अत्यधिक गुटखा, तंबाकू व धूमपान करने से मुंह की झिल्ली सफेद होने लगती है जो कैंसर की प्रारंभिक अवस्था है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती मोहन ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान निकोटिन के सेवन से गर्भपात हो सकता है और बच्चे की शारीरिक क्षमता पर असर पड़ता है। रक्त नलिकाएं भी सिकुड़ जाती हैं जिससे हार्ट अटैक पड़ सकता है। इस दौरान 84 लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें धूमपान करने वाले के फेफड़े की क्षमता बहुत कम निकली। इस मौके पर डॉ. रवींद्र शुक्ल, डॉ. विनीत द्विवेदी, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. शील निगम, डॉ. ज्ञानेंद्र चौहान, श्रुति मोहन, उमा, रमा, कान्हा, मंजू, प्रबल, शुभांगी थे।

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ग्रीन पार्क में आज आयोजित होगा समारोह

कानपुर: रविवार को ग्रीनपार्क स्टेडियम में समारोह का आयोजन किया जाएगा। तंबाकू मुक्त कानपुर के नारे को साकार करने के लिए समारोह में अभियान की मशाल जलेगी। यहां हजारों रुपये के तंबाकू उत्पादों की होलिका और रावण का दहन किया जाएगा। शाम सात बजे से होने वाले समारोह में स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन लोगों को नशा न करने का संकल्प दिलायेंगे। एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि नशे से कैंसर और अन्य बीमारियों से होने वाली मौतों के बारे में लोगों को बताने के लिए ही डाक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। फिल्म गायक शबाब शाबरी फिल्मी गानों पर लोगों को झुमाएंगे। समारोह में आशा बहू, पुलिस, शिक्षकों के साथ विभागों के कर्मचारी आएंगे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अफसर उपस्थित रहेंगे।

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तम्बाकू की लत छुड़ाने में होम्योपैथी कारगर

कानपुर: तंबाकू या धूमपान की लत को छुड़ाने के लिए होम्योपैथिक दवाओं का सेवन बहुत कारगर है। यह बात स्वास्थ्य सेवा भारती के तत्वावधान में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर पनकी कल्याणपुर रोड पर स्थित श्री बांके बिहारी होम्यो एजेंसी में संपन्न जन संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डा.बीएन आचार्य ने कही। संगोष्ठी में डा.निरापद पांडेय, डा.एससी कुशवाहा, अशोक त्रिपाठी व ब्रजेश त्रिपाठी भी मौजूद थे।