अब मनमर्जी से कर्मचारियों को नहीं निकाल सकेंगी कंपनियां, UPCOS से आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया, जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी।

HighLights
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया।
आउटसोर्स कर्मचारियों को मनमानी बर्खास्तगी से सुरक्षा मिलेगी।
समय पर वेतन, बीमा और शिक्षा सहायता जैसे लाभ मिलेंगे।
जागरण संवाददाता, कन्नौज। प्रदेश में आउटसोर्सिंग माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के हितों को बेहतर संरक्षण देने तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल, वेबसाइट का शुभारंभ एवं लोगो का अनावरण किया।
कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री एवं मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र श्रीवास की उपस्थिति में देखा व सुना गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि अब कोई भी आउटसोर्सिंग कंपनी कर्मचारियों को अपनी मनमर्जी से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले आउटसोर्स कर्मियों शिवम् सैनी, आशीष वर्मा, अक्षत एवं आशीष कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
व्यवस्था में सुधार की एक पहल
जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ इस व्यवस्था में सुधार की एक पहल है। इसके माध्यम से विभिन्न विभागों और संस्थानों में आउटसोर्सिंग के आधार पर होने वाली मानव संसाधन की नियुक्ति एवं प्रबंधन व्यवस्था को एक सुव्यवस्थित प्लेटफार्म मिलेगा।
इसका मुख्य उद्देश्य आउटसोर्स कार्मिकों को बेहतर सेवा व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ-साथ चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्सिंग कार्मिकों को समय से मानदेय भुगतान होगा, जिसके लिए स्टेट बैंक के साथ एमओयू किया गया है। कर्मचारियों को 20 से 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा तथा आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्मिकों के पुत्र की शिक्षा के लिए आठ लाख रुपये और पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है।
कोई भी आउटसोर्सिंग कंपनी कर्मचारियों को अपनी मनमर्जी से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी। इसके लिए पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी, जो कि पूरे मामले की जांच करेगी।
शिकायत गलत पाए जाने पर कर्मचारी को सेवा से नहीं हटाया जा सकेगा। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विकास चंद्रा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी व आउटसोर्स कर्मी मौजूद रहे।
