यूपी के कन्नौज जिले की गोशालाओं में नेपियर घास का कमाल, गायों के दूध उत्पादन में बेतहाशा बढ़त
छिबरामऊ की गोशालाओं में गायों के लिए हरे चारे के रूप में नेपियर घास का उपयोग किया जा रहा है, ...और पढ़ें
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यह पौष्टिक घास मवेशियों के पोषण की कमी को पूरा कर रही है और 15 साल तक पैदावार देती है।
HighLights
छिबरामऊ की गोशालाओं में नेपियर घास का उपयोग।
गायों के लिए हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हुई।
दूध उत्पादन और मवेशियों के स्वास्थ्य में वृद्धि।
संवाद सहयोगी, छिबरामऊ। गोशाला में गायों के लिए भूसा व दाना के साथ अब हरे चारे में नेपियर घास शामिल है या की गई है। इससे जहां गायों के हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। वहीं गायों के दूध वृद्धि में ये घास सहायक हो रही है।
नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक घूम रहे गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इसके बाद वहां भूसा व दाना की व्यवस्था की गई। गायों के लिए हरे चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इससे पर्याप्त आहार नहीं मिल पा रहा थे। ऐसे में हरे चारे की समस्या का समाधान करने को नेपियर घास को चुना गया।
विकासखंड छिबरामऊ के अंतर्गत 12 गोशालाएं संचालित हो रही हैं। इनमें करीब 750 गोवंश हैं। इनमें से नौ गोशालाओं में करीब 10 से 12 बीघा में नेपियर घास उगाने की व्यवस्था की गई है। नेपियर घास जहां हरे चारे की पूर्ति करती है, वहीं दूध बढ़ाने में भी सहायक होती है। अब इन गोशाला में केयरटेकर प्रतिदिन नेपियर घास काटकर गायों को खिला रहे हैं।
मवेशियों को घास से हो रहे फायदे
नेपियर ग्रास मवेशियों के लिए एक उच्च पौष्टिक हरा चारा साबित हो रही है। मवेशियों के पोषण व दूध में वृद्धि में सहायक हो रही है। मवेशियों को स्वस्थ रखने में उच्च प्रोटीन व पोषक तत्व सहायक हो रहे हैं।प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट व मिनरल्स मवेशियों को लाभ पहुंचाते हैं। एक बार लगाने पर करीब 15 वर्ष तक पैदावार देती है।
''दाना व भूसा के साथ गोशाला में नेपियर घास खिला रहे हैं। इससे गायों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। दूध में भी वृद्धि हो रही है।''
- सामंत, रतनपुर
''नेपियर घास से चारे की अच्छी व्यवस्था हो गई है। अब हरा चारा पर्याप्त उपलब्ध रहता है। गाय भी इसे अच्छी तरह से खाती हैं।''
- रामनरेश, करमुल्लापुर
''गोवंश के लिए हरे चारे की उपलब्धता रहती है। एक वर्ष में सात से आठ बार तक कटाई होने के कारण उपलब्धता भी अच्छी है।''
- जयवीर, अहिरुआ राजारामपुर
छिबरामऊ के खंड विकास अधिकारी दीपांकर आर्य ने जानकारी दी कि विकासखंड क्षेत्र की 12 गोशाला में नौ के परिसर में करीब 10-12 बीघा में नेपियर घास की व्यवस्था कराई गई है। इससे हरे चारे की समुचित व्यवस्था हो रही है। तीन अन्य गोशाला में पर्याप्त जगह न होने पर चरी व जई की भी व्यवस्था की गई है।
