संवाद सूत्र, सौरिख : दो वक्त की रोटी स्वजनों के लिए जुटाने को नौ माह पहले युवक पश्चिम बंगाल से गुरुग्राम गया। लॉकडाउन में मकान मालिक की बेरुखी ने उनको घर वापस आने के लिए मजबूर कर दिया।

पश्चिम बंगाल जिला उत्तर दिनेशपुर थाना इटहर के गांव कमर गंदा निवासी फिरदोस आलम पुत्र कल्लू मोहम्मद के परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। ऐसे में नौ माह पहले पत्नी राबिया, दो पुत्र 12 वर्षीय शाहिद रजा व 10 वर्षीय आसिफ अंसारी एवं आठ वर्षीय पुत्री रूमान शाहिन को साथ लेकर हरियाणा के गुरुग्राम चले आए। वहां पर ऑटो चलाना शुरू कर दिया। फिरदोस आलम ने बताया कि इस बीच मकान मालिक ने कह दिया आप किराया दें, नहीं तो मकान खाली करें। जमा पूंजी से दो माह के किराये के 11 हजार रुपये मकान मालिक को दे दिए। जमा पूंजी कम हो जाने और काम न मिलने के कारण परिवार सहित ऑटो लेकर घर के लिए निकलना पड़ा। बताया रोड के किनारे समाजसेवियों की ओर से जो खाना मिलता है, उसी से परिवार का काम चल जाता है।

Posted By: Jagran

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