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कन्नौज सोना तस्करी: 20 दिन बाद भी अभिषेक और रियाज गिरफ्त से दूर, तस्करी की कड़ियां उलझीं

Published: Wed, 09 Sep 2026 03:41 PM (GMT+05:30)

कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 10 किलो सोना बरामदगी के 20 दिन बाद भी मुख्य आरोपी अभिषेक और रियाज फरार हैं।

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HighLights

  1. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 10 किलो सोना बरामद हुआ।

  2. मुख्य आरोपी अभिषेक और रियाज 20 दिन से फरार हैं।

  3. नेपाल कनेक्शन से सोने की तस्करी का नेटवर्क।

जागरण संवाददाता, कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 21 अगस्त की रात ब्रेजा कार से 10.026 किलो सोना बरामद होने के 20 दिन बाद भी दो आरोपित जांच एजेंसियों की पकड़ से दूर हैं।

ब्रेजा कार को नेपाल ले जाने वाले चालक अभिषेक और महराजगंज के ठूठीबारी निवासी रियाज की गिरफ्तारी नहीं होने से तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच अभी निर्णायक मुकाम तक नहीं पहुंच सकी है। कस्टम विभाग की पूछताछ में सामने आए तथ्यों के बाद दोनों की भूमिका जांच के केंद्र बनी हुई है।

जांच की शुरुआत तालग्राम में पकड़े गए दो आरोपित नेपाल के जिला पालपा निवासी सरोज पंत और जिला महराजगंज के थाना ठूठीबारी निवासी संजीव जायसवाल से पूछताछ में रियाज का नाम सामने आया, जिसके बाद महराजगंज में उसके ठिकाने पर एटीएस और एसओजी की संयुक्त टीम ने छापा मारा था।

हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही रियाज फरार हो गया। जांच में उसके नेपाल सीमा क्षेत्र में परचून की दुकान संचालित करने की बात भी सामने आई है। एजेंसियां उसके संपर्कों और सीमा पार गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।

नेपाल कनेक्शन ने बढ़ाई जांच की अहमियत

मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ब्रेजा कार की नेपाल आवाजाही को माना जा रहा है। जांच के अनुसार कार महेशपुर सीमा के रास्ते नेपाल गई और कई घंटे बाद भारत लौटी। इसके बाद कार गोरखपुर पहुंची, जहां से सोने की खेप को आगे ले जाने की कड़ी जुड़ती है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेपाल में कार किसके संपर्क में रही और सोने की खेप किस स्तर पर उपलब्ध कराई गई।

तालग्राम से महराजगंज तक जांच का घेरा

मामले में कस्टम अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियां अलग-अलग बिंदुओं पर पड़ताल कर रही हैं। आयकर विभाग अलीगढ़ की टीम भी तालग्राम थाने से बरामदगी और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ले चुकी हैं।

इससे जांच में सोने के संभावित आर्थिक लेनदेन और वित्तीय नेटवर्क का पहलू भी जुड़ गया है। फिलहाल 20 दिन बाद भी रियाज और अभिषेक की गिरफ्तारी न होना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। दोनों के पकड़े जाने के बाद ही नेपाल कनेक्शन, सोने की खेप के स्रोत और उसे आगे पहुंचाने वाले नेटवर्क की कई अहम कड़ियों के खुलने की उम्मीद है।