संवाद सूत्र, चपुन्ना: मथुरा के निकट यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे में मौत की आगोश में समाए युवकों के शव मंगलवार देर रात गांव पहुंचे तो चीख पुकार मच गई। इसके बाद जब एक साथ दो शव अंतिम संस्कार के लिए उठे तो वहां मौजूद ही आंख नम हो गई। महिलाओं का करुण क्रंदन सुनकर कोई भी अपने आंसू रोक नहीं सका।

ग्राम लुखरिया निवासी धर्मवीर ¨सह (32) व बृजेंद्र यादव (34) के शव लेकर परिजन मंगलवार देर रात गांव पहुंचे। तो दोनों घरों में चीख-पुकार मच गई। मृतकों की पत्नी व मां आदि का विलाप सुनकर लोग अपनी आंखों के आंसू रोक नहीं पाए। इसके बाद बुधवार सुबह परिजन दोनों के शव अंतिम संस्कार को लेकर गांव में ही नहर के किनारे चले गए। गांव में एक साथ दो मौत के हो जाने से सन्नाटा पसर गया। दोनों परिवारों के लोग कुछ भी बोल नहीं पा रहे थे। शब्दों से पहले उनकी आंखों से आंसू बहने लगते थे। गौरतलब है कि सोमवार रात नौ बजे के करीब दिल्ली स्थित दीनदयाल अस्पताल में एंबुलेंस चालक के रूप में तैनात धर्मवीर ¨सह गांव से जा रहा था। उसके साथ गांव का बृजेंद्र भी था। मंगलवार सुबह पांच बजे मथुरा के निकट यमुना एक्सप्रेस-वे पर एंबुलेंस बिजली के खंभे लादकर जा रहे ट्रैक्टर में पीछे से टकरा गई। दुर्घटना में धर्मवीर व बृजेंद्र की मौत हो गई थी।

By Jagran