-कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा पचपुखरा गांव में किया गया प्रदर्शन

-बड़ी फसलों तथा पेड़ों पर छिड़काव में होगी आसानी संवाद सूत्र, जलालाबाद: ड्रोन से फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव करना आसान और सुरक्षित है। इससे बड़ी फसलों और ऊंचे पेड़ों पर कम समय में छिड़काव किया जा सकता है। मानव शरीर को भी कोई हानि नहीं होती है। बुधवार को ग्राम पचपुखरा में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ड्रोन द्वारा छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। केंद्र प्रभारी डा. वीके कनौजिया ने किसानों को इस नई तकनीक के बारे में जानकारी दी।

कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के प्रभारी डा. वीके कनौजिया के नेतृत्व में ड्रोन के द्वारा 2.5 एकड़ क्षेत्रफल में ग्राम पचपुखरा व कृषि विज्ञान केंद्र पर छिड़काव के तरीके बताये गए। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक डा.पूनम सिंह व डा. चंद्रकला यादव, डॉ. खलील खान, डा. विनोद कुमार, वैज्ञानिकों के साथ लगभग 50 कृषक ने ड्रोन की तकनीकी ड्रोन का प्रदर्शन किया। गरुणा एयरोस्पेस लिमिटेड चेन्नई के पायलट आरएम हरीनिवास व को-पायलट एम सैयद नियासउद्दीन ने ड्रोन के उपयोग व छिड़काव का प्रदर्शन किया। ड्रोन के द्वारा एक बार में एक एकड़ क्षेत्रफल पर मात्र पांच लीटर पानी पर्याप्त होता है तथा यह कार्य मात्र 15 मिनट में संभव है और इस पर लगभग 400 प्रति एकड़ का खर्च आता है। वहीं दूसरी ओर परंपरागत तरीके से छिड़काव करने पर प्रति एकड़ 200 लीटर पानी की आवश्यकता होती है और एक व्यक्ति को 5 से 6 घंटे छिड़काव करना पड़ता है तथा खेत में अधिक नमी आदि के छिड़काव कर पाना संभव नहीं हो पाता ऐसी स्थिति में ड्रोन एक अच्छा उपाय है। कन्नौज जनपद में मुख्य रूप से आलू की फसल में झुलसा जैसी बीमारियां बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाती हैं। जिनके नियंत्रण में दवाओं के प्रयोग ड्रोन के द्वारा बड़े पैमाने पर कम समय में किया जा सकता है।

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