जागरण संवाददाता, कन्नौज : टीईटी में ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े युवक से पुलिस ने काफी देर तक पूछताछ की। उसने बताया कि परीक्षा से दो घंटे पहले उसने यह डिवाइस साल्वर से दो हजार रुपये में खरीदी थी। उसने बताया था कि यह डिवाइस प्रश्नपत्र को अपने आप हल कराएगी। जब वह बोली तो कक्ष में सबको पता चल गया और वह पकड़ा गया।

तिर्वा कोतवाली में पुलिस ने आरोपित आलोक कुमार निवासी नैकापुर इंदरगढ़ से काफी देर तक पूछताछ की। आलोक ने पुलिस को बताया कि सुबह वह गांव से परीक्षा देने के लिए बाइक से जल्दी आया था। यहां एक युवक मिल गया, उसने ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से पेपर हल कराने के बारे में जानकारी दी। इसके बाद वह ठठिया रोड पर अन्नपूर्णा मंदिर के पास ले गया, जहां उसने दो हजार रुपये लेकर ब्लूटूथ डिवाइस दी और बताया कि परीक्षा के दौरान यह मशीन अपने आप बोलेगी , जिससे पेपर आसानी से हल हो जाएगा। वह मशीन के बोलने के इंतजार में डेढ़ घंटे तक बैठा रहा। बाद में जब डिवाइस से काफी तेज आवाज आई तो कक्ष निरीक्षक ने उसे पकड़ लिया। उसने बताया कि डिवाइस में पड़ी सिम को उसने काफी दिन पहले खरीदी थी, लेकिन उसे सिम का नंबर याद नहीं था। इसके अलावा उसके पास दूसरी सिम है, जिसे वह मोबाइल में प्रयोग करता था। आलोक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस साल्वर युवक की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने बताया कि एसओजी को मास्टर माइंड की तलाश में लगाया गया है। जल्द ही साल्वर गैंग को पकड़ कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा। आलोक को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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