संवाद सहयोगी, छिबरामऊ: स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए गुरुवार को बिल गेटस फाउंडेशन की तकनीकी सहायता इकाई टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी से अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी की। इसके साथ ही सेवाओं को और बेहतर बनाए जाने के लिए कई ¨बदुओं पर विचार विमर्श किया।

बिल गेटस सेवा फाउंडेशन की तकनीकी सहायता इकाई के परियोजना निदेशक डा. जान एंथोनी टीम के सदस्यों के साथ गुरुवार को सीएचसी पहुंचे। उन्होंने राजकीय महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इसके बाद मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में कर्मचारियों से पूछताछ भी की। टीम ने कार्य के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं व संसाधनों के अभाव के बारे में भी जानकारी की। निरीक्षण करने के बाद टीम प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. राहुल मिश्रा से मिली और जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन के बारे में जानकारियां हासिल की। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर कैसे बनाया जा सके इसके बारे में भी कई ¨बदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। टीम के जिला कोआर्डीनेटर डा. अरविंद ने बताया कि सही देखभाल न होने से जच्चा-बच्चा की मृत्यु हो जाती है। मातृ शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण करने के लिए तकनीकी सहायता इकाई सहयोग प्रदान करती है। इसी के तहत महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया है। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान डा. दिवाकर श्रीवास्तव, डा. विकास, डा. सीमा टण्डन, डा. वंदना मौजूद रहे।

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