संवाद सहयोगी, छिबरामऊ: किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया में गड़बड़ी के दौरान जमकर धन उगाही किए जाने के आरोप लगाए। दो हजार से लेकर 15 से 20 हजार रुपए तक शोषण किए जाने की बात कही। सभी ने अफसरों से जिम्मेदार एसीओ व लेखपाल के निलंबन की मांग की। मंगलवार को तहसील परिसर में गांव भगवंतपुर के महिलाएं व पुरुष पहुंचे। ग्राम सभा भगवंतपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव यादव व भारतीय किसान यूनियन किसान के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला के नेतृत्व में दरी बिछाकर एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। सहायक बंदोबस्त अधिकारी मोहनलाल व चकबंदी अधिकारी छिबरामऊ रमेश बाबू ग्रामीणों के बीच पहुंचे। किसानों ने कहा कि सात दिन से वह लोग चकबंदी प्रक्रिया निरस्त किए जाने की मांग को लेकर गांव में धरना दे रहे थे। अब वह तहसील परिसर में ही धरना देंगे। किसानों ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों ने उनका शोषण किया है। पूरी प्रक्रिया धन उगाही व भ्रष्टाचारी से लिप्त है। इसे तत्काल निरस्त किया जाए। अफसरों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। जांच कराए जाने का आश्वासन दिया। समित के पदाधिकारियों एसओसी को ज्ञापन सौंपा। हालांकि अफसरों की बातचीत से ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए और धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस बीच ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार को लेकर जमकर नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर समिति के महासचिव शुभम त्रिपाठी, अनार सिंह, रामऔतार बाथम, दिनेश चतुर्वेदी, शैलेश दुबे, आदेश दुबे, सतीश शर्मा, सौरभ यादव, सुमन देवी व दिनेश प्रकाश मिश्रा मौजूद रहे। ..

डीएमके धरना स्थल पर न आने से निराश हुए ग्रामीण डीएम मंगलवार को तहसील परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस की शिकायतें सुनने पहुंचे थे। धरना दे रहे ग्रामीणों को उनके धरना स्थल पर आने की उम्मीद थी। इसको लेकर रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य व भाजपा जिला उपाध्यक्ष विपिन द्विवेदी ने जिलाधिकारी से मुलाकात भी की थी। जिलाधिकारी ने दो बजे से कन्नौज में दुकान आवंटन की प्रक्रिया की बैठक होने की बात कही थी। इसके बाद एसओसी को ग्रामीणों के बीच भेजा था। वहीं जिलाधिकारी के तहसील से बिना समस्या सुनने जाने पर ग्रामीण मायूस हो गए। वहीं डीएम के जाने के बाद एसडीएम ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से बात की।

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