तिर्वा, संवाद सहयोगी : सिद्धपीठ मां अन्नपूर्णा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने मंदिर में आकर माथा टेककर मनौती मांगी। धनन-धान्य की मनोकामना लिए श्रद्धालु अन्न की देवी के जयकारे लगाते रहे। इस दौरान लोगों ने अन्न चढ़ाया। शुक्रवार को नगर के सिद्धपीठ मंदिर माता अन्नपूर्णा में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालु तड़के गंगा स्नान करने के बाद मंदिर में मां अन्नपूर्णा के दर्शन को आने लगे। श्रद्धालु हाथों में जय माता दी के नाम की चुनरी बांधकर जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। इनके हाथों में अनाज, फूल व नारियल था। भीड़ अधिक होने के कारण श्रद्धालु दूर से ही अनाज को चढ़ावा शुरू कर देते थे। सीढि़यों से चढ़कर देवी के दर्शन करते और फिर दरबार में नारियल, प्रसाद व जल आदि चढ़ाते थे।

अन्नपूर्णा से श्रद्धालु ले गए मिट्टी

अन्न की देवी कही जाने वाली अन्नपूर्णा देवी के दर्शन को आए श्रद्धालुओं मंदिर परिसर से मिट्टी को अपने साथ खोदकर ले जाते हैं। इनका मानना है कि यहां की मिट्टी को खेतों में डालने से वर्ष भर फसलों में न तो कोई नुकसान होता है और ना ही कोई दैवीय आपदा होती है। इसके साथ ही उपज में भी कई गुना बढ़ोत्तरी हो जाती है।