अमरोहा। गरीबों को ठंड से बचाने के लिए शासन द्वारा भेजे गए कंबल मानकों की कसौटी में फेल हो गए। जिन्हें अब वापस करने का निर्णय लिया गया है। यह कंबल आजमगढ़ जनपद के खादी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान से खरीदे गए थे। जिला प्रशासन ने यह कंबल वापस भेजने के आदेश तहसील प्रशासन को किए हैं।

कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गरीब ठंड से ठिठुर रहे हैं। ऐसे में एक अदद कंबल गरीबों के लिए संजीवनी की साबित होगा। शासन ने गरीबों को ठंड से बचाने के लिए तहसीलों को कंबल पिछले दिनों भेजे भी थे। अमरोहा तहसील को 1447, मंडी धनौरा तहसील को 1250 तथा हसनपुर तहसील को 1250 कंबल आवंटित हुए थे। इनके लिए पात्रों की ढूंढ हो रही थी। इसी बीच बुरी खबर आ गई। जिला प्रशासन ने कंबल की आपूर्ति करने वाली आजमगढ़ की खादी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के सैंपल से मिलान किया तो ये सरकारी कंबल मानकों की कसौटी पर फेल हो गए। कंबल के मानक की जांच पावरलूम निरीक्षक एवं जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अमरोहा से कराई गई थी। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर एडीएम रणविजय सिंह ने आपूर्ति देने वाली फर्म की कुटेशन आदि भी निरस्त कर दी है। अब तीनों तहसीलों से यह कंबल वापस मांगे गए हैं। जो शासन को वापस भेज जायेंगे।

एसडीएम रतिराम का कहना है कि कंबल का नमूने से मिलान करके रिपोर्ट डीएम को भेजी गई थी। जिसके आधार पर डीएम ने कंबल का तकनीकी परीक्षण कराया। मानक में फेल होने पर कंबल वापस भेजे जा रहे हैं।

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..तो गरीबों को नहीं मिलेंगे कंबल?

शासन के कंबल मानक में फेल होने से गरीबों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। तहसील प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो कंबल की आपूर्ति मिलने में अब समय लग सकता है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल ठंड बीतने के बाद ही अब कंबल पहुंचेंगे।

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