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अमरोहा। जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत जिला अस्पताल में सीजेरियन प्रसव की सुविधा पर ग्रहण लगने जा रहा है। निजी सर्जन ने यह सेवा देने से हाथ खींच लिये हैं। ऐसी स्थिति में गंभीर केसों में महिलाओं को सीधे मुरादाबाद रेफर करना पड़ेगा। इसके पीछे प्रति केस पर कम धनराशि के भुगतान करने की बात सामने आई है।

गौरतलब है कि तत्कालीन सीएमओ डा. ज्ञान सिंह की तैनाती के वक्त इस योजना के तहत निजी चिकित्सकों के सहारे अस्पताल में सीजेरियन प्रसव की सुविधा शुरू की गयी थी। इसके तहत अप्रैल से लेकर अब तक 18 सीजेरियन प्रसव कराये जा चुके हैं। अधिकांश केस डा. बीआर गर्ग ने किये हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार सीएमओ ज्ञान सिंह के दौरान डा. गर्ग को योजना के तहत प्रति केस दो हजार रुपये का भुगतान किया गया था, लेकिन नये सीएमओ की तैनाती के बाद से इसमें कटौती कर दी गयी। बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा सर्जन को प्रति केस पंद्रह सौ रुपये के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इसकी सूचना मिलने पर सर्जन ने आपरेशन करने से हाथ खड़े कर दिये हैं।

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पहले कितना हो रहा था भुगतान पता नहीं

-जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत सीजेरियन प्रसव कराने पर निजी चिकित्सकों को प्रति केस पर कितना भुगतान पूर्व में किया जा रहा था इसकी जानकारी जिम्मेदारों के पास नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं इसमें नियमों की अनदेखी की गई हो। क्योंकि सवाल यह है कि यदि पहले प्रति केस के हिसाब से दो हजार का भुगतान किया गया है तो अब क्यों पंद्रह सौ की धनराशि दी जा रही है। इस संबंध में अफसर जबाव देने से कतरा रहे हैं। चूंकि मामला तत्कालीन सीएमओ डा. ज्ञान सिंह से जुड़ा हुआ है।

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-जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत निजी चिकित्सक को सीजेरियन प्रसव कराने पर पंद्रह सौ रुपये भुगतान करने के आदेश हैं। उसी के अनुरूप भुगतान किया जा रहा है।

डा. शैलेष जैन, डिप्टी सीएमओ, आरसीएच, अमरोहा।

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