झांसी, जेएनएन। योजना परवान चढ़ी तो बुंदेलखंड हरी सब्जी का बड़ा हब बन जाएगा। यहां हर घर सब्जी का उत्पादन होगा तो खेतों में सब्जी का क्षेत्रफल भी बढ़ाया जाएगा। सरकार ने इस भू-भाग को संकट से उबारने के लिए 'एक थाली-एक तरकारी' योजना बनाई है, जिसके लिए उद्यान विभाग ने यहां पैदा होने वाली सब्जियों का प्रस्ताव निदेशालय भेज दिया है। 

बुंदेलखंड का किसान परंपरागत खेती में अधिक विश्वास करता है। सिंचाई के साधन होने के बावजूद अधिकांश किसान रबी सीजन में गेहूं या दलहन की पैदावार करते हैं, जबकि खरीफ सीजन में भी परंपरागत फसलें ही बोते हैं। सब्जी की खेती करने वाले किसानों की संख्या काफी कम रहती है। किसान इसकी खेती को जोखिम भरी मानते हैं, क्योंकि सब्जी पर मौसम का प्रभाव तेजी से पड़ता है, पर किसान इस जोखिम को उठाएं तो आमदनी भी काफी अधिक हो सकती है। 

किसानों की इसी सोच के कारण बुंदेलखंड में सब्जी का क्षेत्रफल तेजी से घट रहा है। इसका असर बाजार पर भी पड़ रहा है। अधिकांश सब्जी बाहर से मंगाने के कारण रेट काफी अधिक हो जाते हैं, जबकि लोगों को शुद्ध और ताजी सब्जी भी नहीं मिल पाती है। सब्जी की इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने अब 'एक थाली-एक तरकारी' योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत बीपीएल परिवार के काश्तकारों को चिह्नित कर निश्‍शुल्क की सब्जी की पौध व बीज उपलब्ध कराया जाएगा। 

साथ ही विशेषज्ञों द्वारा सलाह भी दी जाएगी। यहां घर की छत या आंगन में भी सब्जी उगाई जाएगी, जिससे लोगों को कम रेट में ताजी व पौष्टिक सब्जी उपलब्ध हो सकेगी और किसानों की आय में भी बढ़ोत्री हो सकेगी। इसके लिए शासन ने प्रत्येक जनपद से वहां पैदा होने वाली सब्जी का प्रस्ताव व बीपीएल किसानों की सूची मांगी थी, उद्यान विभाग ने प्रस्ताव भेज दिया है। 

 

Edited By: Divyansh Rastogi