0 जेडीए में लगाई गई बोली

0 एक बोलीदाता ने सवा लाख से बढ़ाकर 11 लाख पहुँचाई बोली

0 विवाद होने पर अन्य बोलीदाताओं को भी दिया गया मौका

झाँसी : आतिशबाजी बा़जार का ठेका लेने के लिए भाजपाइयों में घमासान हो गया। 10 बोलीदाताओं के बीच सवा लाख से शुरू हुई नीलामी दूसरी बोली में ही 11 लाख पर पहुँच गई, जिससे विवाद हो गया। अन्य बोलीदाताओं ने आपत्ति जताई तो ऊपर-नीची राशि की अन्य बोली लगाने के साथ फाइनल नीलामी 12.20 लाख पर पहुँच गई। हालाँकि देर शाम तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका था, क्योंकि फाइनल बोली लगाने वाले को तत्काल पैसा जमा करना था, जो नहीं दिया गया।

सँकरी गलियों में चलने वाले आतिशबाजी बा़जार को दीपावली पर खुले मैदान में शिफ्ट कर दिया जाता है। वैसे तो महानगर में कई स्थानों पर बा़जार लगता है, लेकिन सबसे अधिक बिक्री क्राफ्ट मेला मैदान पर लगने वाले आतिशबाजी बा़जार में होती है। यह मैदान झाँसी विकास प्राधिकरण के अधीन है, इसलिए इसकी बुकिंग जेडीए द्वारा की जाती है। पिछले सालों में कुछ नटवरलाल पहले ही मैदान की बुकिंग कर लेते थे, जिसके बाद वह आतिशबाजी दुकानदारों से मनमाना पैसा वसूल करते थे। इसे रोकने के लिए झाँसी विकास प्राधिकरण द्वारा इस बार पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर मैदान की बुकिंग न करते हुए नीलामी प्रक्रिया अपनाई। सोमवार को सचिव त्रिभुवन विश्वकर्मा की निगरानी में नीलामी की गई। 10 बोलीदाताओं ने इसमें भाग लिया। 1.25 लाख रुपए की सरकारी बोली से नीलामी शुरू हुई। पहली बोली 1.35 लाख रुपए लगाई गई, जिसके बाद दूसरे बोलीदाता ने सीधे 11 लाख रुपए की बोली लगा दी, जिस पर अन्य बोलीदाताओं ने कड़ी आपत्ति जताई। अधिकारियों ने भी इसे उचित नहीं मानते हुए अन्य बोलीदाताओं को भी अवसर दिया, जिसके बाद 6 लाख, 7.50 लाख तथा 7.51 लाख रुपए की बोली लगाई गई। उधर, 11 लाख की बोली लगाने वाली भाजपा की महिला पदाधिकारी ने बोली बढ़ाकर 12 लाख कर दी, जबकि फाइनल बोली 12.20 लाख तक पहुँच गई। सबसे ऊँची बोली लगाने वाले को शाम तक पैसा जमा करने के आदेश दिए गए। सूत्रों के अनुसार देर शाम तक पैसा जमा नहीं होने से मामला अधर में फँस गया है।

यह था खेल

आतिशबाजी बाजार का ठेका हथियाने के लिए एक बोलीदाता ने फूलप्रूफ प्लैन बनाया था। सबसे पहले उसने नीलामी की लिस्ट में पहला व दूसरे स्थान पर नाम शामिल कराया। इसके बाद 1-1 लाख रुपए की जमानत राशि जमा कर दी। पहली बोली 1.35 लाख से सीधे 11 लाख पहुँचा दी गई। प्लैन था कि दूसरी बोली लगाने वाली महिला भाजपा नेत्री पैसा जमा नहीं करेंगी, जिसके बाद दूसरे नम्बर के बोलीदाता को अवसर दिया जाएगा, जिससे 1.35 लाख में ही ठेका मिल जाएगा। इसके लिए बोलीदाता ने 1 लाख रुपए जमानत राशि जब्त कराने की तैयारी कर ली थी, लेकिन कुछ बोलीदाता यह खेल समझ गए और पूरा मामला बिगड़ गया।

फाइल : राजेश शर्मा

Edited By: Jagran