- इण्टरनेट से लेकर वेबसाइट को डिवेलप करेगा आइआरसीटीसी

झाँसी : रेलवे के लिए इण्टरनेट पर कारगर सॉफ्टवेयर से लेकर कर्मियों के डेटा सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न ऐप का निर्माण और उसे कमाण्ड करने की व्यवस्था करने वाला क्रिस (सेण्टर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम) एवं रेल संचालन में डिजिटल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करने वाला इण्टरनेट प्रोवाइडर रेलटेल का अब आइआरसीटीसी में विलय करने की तैयारी की जा रही है। जल्दी ही इस प्रस्ताव को अमली जामा पहना दिया जाएगा।

भारत सरकार की योजना है कि रेल मन्त्रालय के अधीन जो भी सरकारी उपक्रम हैं, उन्हें और अधिक विकसित किया जाए। इसमें रेलवे के स्कूल से लेकर अस्पताल व अन्य संस्था भी शामिल हैं। इन्हीं में से एक है भारतीय रेल को डिजिटल प्लैटफॉर्म पर मजबूती के साथ स्थापित करने वाला 'क्रिस' और 'रेलटेल।' रेलटेल की ही देन है कि आज रेलवे को करोड़ों रुपये के राजस्व की बचत हो रही है। रेलटेल ने अपने फाइबर ऑप्टिकल नेटवर्क का जाल पूरे देश में फैला रखा है। रेलटेल रेलवे का उपक्रम होने के चलते काफी मजबूत इण्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर है। ट्रेन संचालन हो या रेल कार्यालय, सभी जगह रेलटेल नेटवर्क का ही प्रयोग किया जा रहा है। यह रेलवे का अपना नेटवर्क है, जबकि इससे पहले रेलवे को बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) से टेलिफोन और ट्रेन संचालन में उसकी लाइव लोकेशन पता करने के लिए बीएसएनएल के नेटवर्क पर निर्भर रहना पड़ता था। वहीं, भारतीय रेल की वेबसाइट और विभिन्न मोबाइल ऐप को डिवेलप करने वाला उपक्रम क्रिस भी कर्मचारियों से लेकर रेलवे की सारी जानकारी लोगों तक पहुँचाने का का कर रहा है। यह दोनों संस्था और अधिक विकसित हो सकें, इसके लिए भारत सरकार के केन्द्रीय सचिवालय ने रेलटेल और क्रिस का विलय आइआरसीटीसी (इण्डियन रेलवे केटरिग ऐण्ड टूरिज्म कॉरपोरेशन) में करने का प्रस्ताव दिया है। सचिवालय ने कहा है कि इन उपक्रम को सुव्यवस्थित करने के लिए इनका विलय आइआरसीटीसी में करना आवश्यक है। यानी, अब रेलवे की सहयोगी संस्था आरआरसीटी ही रेलवे को इण्टरनेट से लेकर डिजिटल प्लैटफॉर्म प्रदान करेगी।

फाइल : वसीम शेख

समय : 08 : 00

24 सितम्बर 2021

Edited By: Jagran