0 कई बार पैमाइश के बाद भी नहीं मिल रही ़जमीन

0 ़जमीन के चारों तरफ बाउण्ड्री बनाने का हो चुका ठेका

0 ़जमीन के गायब होने से नगर निगम और तहसील अमले में तकरार

झाँसी : नगर निगम की ़जमीनों के रखरखाव की ह़की़कत आज उस समय उजागर हो गयी, जब एक ़जमीन की पैमाइश कराने के लिए नगर निगम और तहसील का अमला पहुँचा। का़ग़ज के हिसाब से जरीब बिछायी गयी, लेकिन ़जमीन नहीं मिली। ़जमीन के '़गायब' होने पर नगर निगम और तहसील के अमले के बीच में आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए तकरार हो गयी और टीम बैरंग लौट गई।

नगर निगम के वॉर्ड 24 के सिंगर्रा गाँव में नगर निगम की आराजी नम्बर 63 में लगभग एक हेक्टेयर भूमि है। का़ग़जों में दर्ज इसी भूमि को सुरक्षित करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने भूमि के चारों तरफ बाउण्ड्रीवॉल बनाने के लिए टेण्डर निकाला था। यह काम 14वें वित्त आयोग से होना था। लगभग एक साल पहले टेण्डर की प्रक्रिया होने के बाद जब ठेकेदार वहाँ पर बाउण्ड्रीवॉल बनाने गया तो काश्तकारों ने विरोध किया और अपनी ़जमीन के दस्तावे़ज पेश किए। इस पर नगर निगम के सम्पत्ति विभाग में लगे आउटसोर्स के एडीएम, ़कानून-गो व लेखपाल ने पैमाइश की, लेकिन जमीन नहीं मिली। इस पर पत्राचार कर तहसील के लेखपालों से पैमाइश करायी गयी, लेकिन मौके पर नगर निगम की ़जमीन नहीं मिली। कई बार पैमाइश के बाद आज फिर नगर निगम और तहसील की टीम मौके पर पहुँची। जरीब डालकर काफी देर तक पैमाइश की गई, लेकिन उक्त ़जमीन मिली नहीं। ़जमीन के खुर्द-बुर्द हो जाने पर तहसील और नगर निगम के लेखपाल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। बताते हैं कि तकरार इतनी अधिक बढ़ गयी थी कि कुछ लोगों को हस्तक्षेप करना पड़ गया, जिससे मामला शान्त हो सका। कुल मिलाकर नगर निगम की ़जमीन फिलहाल गायब है। इस सम्बन्ध में नगर निगम के सम्पत्ति अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल एनएन बाजपेयी ने बताया कि उक्त ़जमीन को लेकर पहले भी पैमाइश हो चुकी है। इस गाँव में चकबन्दी हुयी, जिससे ़जमीन इधर-उधर हो गयी है। उन्होंने कहा कि फिर से पैमाइश कराके नगर निगम की ़जमीन को निकलवाया जाएगा।

24 इरशाद-3

समय : 7.45 बजे

Edited By: Jagran