0 निर्माण कार्य पर खर्च की जाती है 17 करोड़ से अधिक धनराशि

0 दो अवर अभियन्ताओं के भरोसे हैं पूरे जनपद में निर्माण कार्य

झाँसी : व्यवस्थाओं की सच्चाई जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे। जिस ़िजला पंचायत पर जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में विकास कराने की जिम्मेदारी है, वहाँ प्रोजेक्ट को आकार देने वाले एंजिनियर्स ही नहीं है। महज 2 अवर अभियन्ताओं के सहारे पूरा विभाग चल रहा है। तिजोरी में 17 करोड़ रुपए रखा है, लेकिन प्रोजेक्ट आकार नहीं ले पा रहे हैं। अभियन्ताओं की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा है, परन्तु अभी इसका कोई असर नहीं दिख रहा है।

सरकार ने ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ़िजला पंचायत के माध्यम से विकास कार्यो को ते़ज करने की रणनीति बनायी है। आगामी विधानसभा चुनाव के पहले शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी निर्माण कार्य की लम्बी श्रृंखला शुरू करने की योजना है, परन्तु ़िजला पंचायत में तकनीकि अधिकारी व कर्मचारियों की कमी ने इस योजना को पहले ही दौैर में पीछे धकेल दिया है। ़िजला पंचायत में निर्माण कार्यो के लिए राज्य वित्त आयोग व 15वें वित्त आयोग से धनराशि दी जाती है। ़िजला पंचायत को पूरे जनपद में विकास कार्य कराने होते हैं। हालाँकि ़िजला पंचायत द्वारा गाँवों के अन्दर विकास कार्य नहीं कराए जा सकते हैं। इसीलिए निर्माण कार्य अक्सर दो गाँवों के बीच सम्पर्क मार्ग, इन मार्गो पर पड़ने वाले पुल व अन्य निर्माण कार्य ही कराए जाते हैं।

़िजला पंचायत में विकास कार्य के लिए 15वें वित्त आयोग व राज्य वित्त आयोग से लगभग 17.36 करोड़ की धनराशि प्राप्त होती है। इसमें पंचम राज्य वित्त आयोग के 746 लाख तथा 15वें वित्त आयोग के लगभग 990 लाख रुपए प्राप्त होते हैं। इस राशि से कर्मचारियों के वेतन व पेंशन व अन्य आधारभूत खर्च किए जाते हैं और शेष राशि निर्माण कार्यो पर खर्च होती है। ़िजला पंचायत अपने स्रोतों से लगभग 327 लाख रुपए की आय करती है। सरकार चाहती है कि निर्माण कार्यो में ते़जी लाने के लिए ़िजला पंचायत अपनी आय भी बढ़ाए। शासन ने बड़े व्यावसायिक निर्माण, दुकानों पर भी कर लगाने के साथ अपनी सम्पत्ति व दुकानों से भी आय बढ़ाने को कहा है। इस तरह सरकार हर सम्भव तरीके से निर्माण कार्यो को ते़ज करना चाहती है, लेकिन ़िजला पंचायत अभी प्राप्त होने वाली धनराशि ही खर्च नहीं कर पा रही हैं। कई निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं, तो टेण्डर प्रक्रिया के बाद निर्माण की गति काफी धीमी है। इसका कारण निर्माण कार्य के लिए आवश्यक अभियन्ताओं की कमी है। ़िजला पंचायत के निर्माण विभाग में एक सहायक अभियन्ता तथा चार अवर अभियन्ता के पद हैं, इस समय केवल दो अवर अभियन्ता हैं, जिसमें में से एक को शासन ने सहायक अभियन्ता का कार्यभार दे रखा है। इस तरह फील्ड में निर्माण कार्य देखने के लिए अभियन्ता ही नहीं है। इसीलिए निर्माण कार्य धीमे चल रहे हैं। निर्माण कार्यो में आवश्यक गुणवत्ता परखने के लिए तकनीकि अधिकारी व कर्मचारियों की कमी है। इधर, ़िजला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने भी शासन को पत्र लिखकर अवर अभियन्ता बढ़ाने की माँग की है।

कार्ययोजना बनने के लिए चल रहा है सर्वे

़िजला पंचायत सदस्यों ने निर्माण कार्यो के लिए प्रस्ताव दिए हैं। जि़ला पंचायत के 24 वॉर्ड में निर्माण कार्य होना है। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद कार्ययोजना बनेगी। इसके बाद निर्माण कार्यो की टेण्डर होंगे और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होंगे। इस सभी कार्यो में अवर अभियन्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अवर अभियन्ताओं की कमी का मामला पिछले दिनों पंचायती राजमन्त्री के दौरे में भी उठा था।

फोटो हाफ कॉलम

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इनका कहना है

'़िजला पंचायत में अवर अभियन्ता की कमी है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा है। पंचायतीराज मन्त्री के दौरे में भी उन्होंने अभियन्ताओं की कमी की जानकारी दी थी। अभी 2 अवर अभियन्ता हैं, जिनमें से एक को सहायक अभियन्ता का प्रभार है। शासन स्तर पर जल्द ही अवर अभियन्ताओं की तैनाती किए जाने की उम्मीद है।'

पवन कुमार गौतम

़िजला पंचायत अध्यक्ष

फाइल- रघुवीर शर्मा

समय-6.25

16 सितम्बर 21

Edited By: Jagran