- रेलवे के टीटीई ने लगाए विभाग पर मिलीभगत करने के आरोप

झाँसी : रेलकर्मियों का सर्विस रिकॉर्ड डिजिटल प्लैटफॉर्म पर लाकर रेलवे ने उन्हें सुविधा प्रदान की है। लेकिन रेलवे की यही सुविधा अब मण्डल के एक टीटीई के गले की फाँस बन गया है। टीटीई का कहना है कि जिस महिला का नाम उसके सर्विस रिकॉर्ड में बतौर पत्नी दर्ज कर दिया गया है, उस महिला के लिए उसने कभी कोई घोषणा पत्र नहीं दिया। कर्मी ने विभाग पर महिला से मिलीभगत कर सर्विस रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने का आरोप लगाया है।

झाँसी रेलवे स्टेशन पर टिकिट निरीक्षक के पद पर तैनात सुनील कुमार को समझ नहीं आ रहा है कि उसकी अनुमति के बिना उसके विभाग ने एक महिला और एक पुरुष को उसके सम्बन्धी के तौर पर सर्विस रिकॉर्ड में कैसे दर्ज कर दिया है। इसको लेकर रेलकर्मी मण्डल रेल प्रबन्धक को लिखित शिकायत देते हुए बताया कि उसने पिछले पाँच वर्ष से यात्रा पास नहीं लिया है और न ही किसी महिला और पुरुष को अपने घोषणा पत्र में अपना आश्रित घोषित किया है। बावजूद इसके एक महिला और पुरुष का नाम एचआरएमएस (ह्यूमन रिसोर्स स्टिम) पर दर्ज कर दिया गया है। कर्मी का आरोप है कि विभाग के कुछ कर्मियों के सहयोग से उसके सर्विस रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की गई और महिला का नाम पत्नी के रूप में और पुरुष का नाम पिता के रूप में दर्ज करवा दिया गया।

यह होती है नाम चढ़ाने की प्रक्रिया

डिजिटल प्लैटफॉर्म एचआरएमएस पर रेलकर्मी और उनके आश्रितों के नाम सर्विस रिकॉर्ड में चढ़ाने के लिए कर्मी को सबसे पहले अपने विभाग को घोषणा पत्र के माध्यम से यह बताना होता है कि उनके आश्रित कौन-कौन हैं। वहीं, एचआरएमएस पर नाम दर्ज करने के लिए कर्मी को अपने एचआरएमएस अकाउण्ट से प्रोफाइल में नाम जोड़ने होते हैं, जिसका नोटिफिकेशन सम्बन्धित विभाग के कर्मी के पास जाता है। वह कर्मी पहले आवेदक के सर्विस रिकॉर्ड में दिए गए घोषणा पत्र से उक्त आश्रितों के नाम का मिलान करता है और उसके बाद ही उनके नाम दर्ज होते हैं।

फोटो हाफ कॉलम

:::

इन्होंने कहा

'मामला संज्ञान में आया है, यदि उक्त मामले में कोई समस्या आ रही है तो उसका नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। कर्मी अपने सर्विस रिकॉर्ड का अवलोकन कर सकता है।'

मनोज कुमार सिंह

जनसम्पर्क अधिकारी, झाँसी रेल मण्डल

फाइल : वसीम शेख

समय : 09 : 20

15 सितम्बर 2021

Edited By: Jagran