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0 जल के लिए जन आन्दोलन की आवश्यकता : मण्डलायुक्त

0 मनरेगा के तहत नदियों व तालाबों के संरक्षण के प्रस्तावों पर होगा विचार

झाँसी : पानी की बर्बादी करने वाले लोग अब प्रशासन की हिट लिस्ट में होंगे। इनकी निगरानी के लिए गाँव से गली तक जल चौकीदार नामित करने पर विचार किया जा रहा है। मण्डलायुक्त की बैठक में जल बर्बाद करने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने का सुझाव भी दिया गया है।

मण्डलायुक्त डॉ. अजय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में जल संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। मण्डलायुक्त ने कहा कि वैज्ञानिक तथ्य है 'सतही जल भूमिगत जल को भरता है एवं भूमिगत जल सतही जल को पोषित करता है।' इसलिए जल स्रोतों का संरक्षण न सिर्फ समय की माँग है बल्कि भविष्य में जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक भी है। बुन्देलखण्ड में जल संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास की आवश्यकता है। अनेक बार देखने-सुनने को मिला है कि पेयजल की आपूर्ति के दौरान नलों का पानी बर्बाद होता है, इसे रोकने के लिए प्रत्येक गाँव, मोहल्ला व वॉर्ड में सक्रिय लोगों को चिह्नित कर जल चौकीदार नामित किये जायें, जो पानी की बर्बादी पर रोक लगाएं। परमार्थ संस्था के निदेशक संजय सिंह ने बताया कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में चन्देल कालीन तालाब, कुओं, हवेली एवं बुन्देली तालाबों को संरक्षित किया जाये। बुन्देलखण्ड एंजिनियरिंग कॉलिज के डॉ. अभय कुमार वर्मा ने बताया कि कि बीआइईटी कैम्पस में यूनिक मेटल से जल संरक्षण के लिये एक तालाब का निर्माण किया गया। उन्होंने भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने, जल साक्षरता को बढ़ावा देने, जल की बर्बादी करने वाले लोगों के विरुद्ध जुर्माना लगाने, वर्षा जल को संरक्षित करने के सुझाव दिये। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के भू-विज्ञान विभाग के प्रो. एसपी सिंह ने भू-जल के इस्तेमाल को कम करने तथा वर्षा जल संरक्षण पर जोर दिया। मण्डलायुक्त ने परम्परागत जल संरक्षण के उपाये अपनाने व मनरेगा के अन्तर्गत गाँव-गाँव तालाब एवं कुओं का निर्माण कराने, पुरानी सूखी पड़ी बाबड़ियों को रीचार्ज कर जीवन्त करने के निर्देश दिये। मण्डलीय परियोजना प्रबन्धक एनएचएम आनन्द चौबे ने बताया कि जल संरक्षण की गतिविधियों को निरन्तरता देने के लिए संजय सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा, जो स्वतन्त्र रूप से कार्य करेगी। इस समिति में सम्बन्धित क्षेत्र के विशेषज्ञों को जोड़ा जायेगा। बैठक में राज्यमन्त्री हरगोविन्द कुशवाहा, उपाध्यक्ष जेडीए सर्वेश दीक्षित, अभिषेक सिंह आदि उपस्थित रहे।

मानपुर मॉडल पर होगा जल संरक्षण

जल सहेली के रूप में प्रसिद्ध बबीना ब्लॉक के मानपुर की गीता द्वारा जन सहयोग से बाँध बनाकर पानी को रोका गया, जिससे ग्रामवासियों को पानी की समस्या से मुक्ति मिली। मण्डलायुक्त ने ग्राम मानपुर में जल संरक्षण के मॉडल पर अध्ययन के उपरान्त जल शक्ति मिशन के प्रस्ताव में सम्मलित कर अन्य गाँव में वित्तीय सहायता देने के लिए जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये।

जल संरक्षण के लिए ये कार्य होंगे

0 बुन्देलखण्ड क्षेत्र में चन्देल कालीन तालाबों, कुओं, हबेली एवं बुन्देली तालाबों के संरक्षण के प्रस्ताव शासन को भेजे जायेंगे।

0 पानी की बर्बादी रोकने के लिए जल चौकीदार चिह्नित किए जाएंगे।

0 मानपुर में जल संरक्षण मॉडल को जल शक्ति मिशन में शामिल किया जायेगा।

0 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग व जल साक्षरता को बढ़ाने की होगी पहल।

0 भू-जल से अधिक वर्षा जल का उपयोग किया जाए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

0 प्राचीन सूखी पड़ी बावड़ियों, कुओं व तालाबों को रीचार्ज कर जीवन्त किया जायेगा।

फाइल : राजेश शर्मा

Edited By: Jagran