लॉकडाउन

- 24 अप्रैल को झाँसी में मनाया जाना है पंचायती राज दिवस

- 14 अप्रैल तक चलेगा लॉक डाउन, तैयारियों का नहीं बचेगा समय

झाँसी : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में घोषित लॉक डाउन ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के झाँसी आगमन पर संशय खड़ा कर दिया है। लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल तक है, जिससे तैयारियों के लिए समय नहीं बचेगा। वहीं माना जा रहा है कि जून माह तक सतर्कता बरती जाएगी। हालाँकि प्रधानमन्त्री कार्यालय से अभी कोई पुष्ट सूचना नहीं आई है, इसलिए अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

सत्ता का विकेन्द्रीकरण करने के लिए संविधान में 73वाँ संशोधन कर 24 अप्रैल 1993 से देश में पंचायती राज अधिनियम लागू किया गया। इसके बाद से ही 24 अप्रैल की तारीख को पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन राष्ट्रीय स्तर पर भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर की उन ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाता है, जिनका परफॉरमन्स सबसे बेहतर रहता है। अब तक यह कार्यक्रम राजधानी दिल्ली में मनाया जाता था, जिसमें प्रधानमन्त्री शामिल होते रहे हैं। केन्द्र की सत्ता सँभालने के बाद प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में आयोजन के मिथक को भी तोड़ दिया और देश के अन्य हिस्सों में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित करने की शुरूआत की। पिछले 2 सालों में मेरठ व गुजरात में पंचायती राज दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमन्त्री शामिल हुए। पंचायती राज मन्त्रालय ने इस वर्ष बुन्देलखण्ड की हृदय स्थली झाँसी में कार्यक्रम आयोजन का प्रस्ताव भेजा, जिसे प्रधानमन्त्री कार्यालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रधानमन्त्री कार्यालय से स्वीकृति मिलते के बाद तय हो गया कि 24 अप्रैल को प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी झाँसी आएंगे और फिर कार्यक्रम की तैयारियाँ भी शुरू हो गई। फोकस कार्यक्रम स्थल पर किया गया, जिसके लिए संयुक्त सचिव पंचायत डॉ. संजीव पटजोशी झाँसी आए। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय, भोजला मण्डी के साथ ग्रासलैण्ड का निरीक्षण किया और फोटोग्राफ लिए, जो पीएमओ को भेजे गए। पर, कार्यक्रम स्थल पर फाइनल मोहर लगाने के लिए मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ को अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में झाँसी आने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन प्रधानमन्त्री ने 24 मार्च को देशभर में लॉक डाउन घोषित कर दिया। यह बन्दी 14 अप्रैल तक चलेगी, जबकि इसके बाद लॉक डाउन बढ़ाए जाने की सम्भावनाएं जताई जा रही हैं। ऐसे में प्रधानमन्त्री के आगमन पर संशय के बादल गहरे हो गए हैं।

फिर टल सकता है कृषि विश्वविद्यालय का लोकार्पण

रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के लोकार्पण पर फिर ग्रहण लग सकता है। इससे पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन लम्बे समय से प्रधानमन्त्री कार्यालय से समय माँगता रहा है, लेकिन अब अवसर था और पीएमओ की स्वीकृति भी मिल गई थी, लेकिन प्रधानमन्त्री का कार्यक्रम टलने के आसार बनने से कृषि विश्वविद्यालय का लोकार्पण फिर टल सकता है।

फाइल : राजेश शर्मा

26 मार्च 2020

समय : 6.15 बजे

Posted By: Jagran

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