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0 प्रधानमन्त्री के 2020 में नया भारत देने के सपने में चिकित्सा सुविधा सर्वोपरि

0 केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री ने कहा, नैशनल मेडिकल कमीशन से बढ़ेगी पारदर्शिता

झाँसी : केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमन्त्री की वचनबद्धता है कि चिकित्सकों की कमी दूर हो, मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधा बढ़े और देश में अधिकाधिक नए चिकित्सा संस्थान बने। इसके अलावा डॉक्टरों की कमी भी दूर हो। प्रधानमन्त्री ने चिकित्सा को लेकर सपना देखा और इसके लिए कई योजनाओं को लागू कराया जा रहा है।

यहाँ मेडिकल कॉलिज में सुपर स्पेशिऐलिटि ब्लॉक के शुभारम्भ अवसर पर सभा को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री ने कहा कि सरकारों में योजनाएं तो बनती है, लेकिन दशकों तक कार्यान्वयन नहीं होता। प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी योजना बनाने के साथ कार्यान्वयन पर जोर देते हैं। यहाँ मेडिकल कॉलिज अस्पताल में सुपर स्पेशिऐलिटि ब्लॉक के लिये वर्ष 2016 में मेरे सहयोगी तत्कालीन केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री जेपी नड्डा ने आधारशिला रखी थी और वह दिसम्बर 2019 में इसका शुभारम्भ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र को लेकर बड़ा काम हो रहा है। प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलिज बनकर तैयार हो गए तो 13 निर्माणाधीन हैं। 13 नए मेडिकल कॉलिज की स्वीकृति दे दी गयी है। इस तरह 26 मेडिकल कॉलिज 5 साल में बनकर तैयार हो जाएंगे, जो चिकित्सा के क्षेत्र में इतिहास बनायेंगे। प्रधानमन्त्री 2022 में नया भारत देना चाहते हैं, जिसमें 75 नए मेडिकल कॉलिज बनेंगे, पिछड़े क्षेत्र में मेडिकल कॉलिज खोले जाएंगे। फ‌र्स्ट कम फ‌र्स्ट सर्व बेसिस पर उत्तर प्रदेश से 14 प्रोजेक्ट दिए गए, जिसमें 13 स्वीकृत हो गए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में ही दिल्ली की तरह देश में अन्य क्षेत्रों में एम्स देने का निर्णय लिया गया। अटल जी की सरकार में अटल बिहारी वाजपेयी व सुषमा स्वराज के नेतृत्व में 6 एम्स बनाए गए। इससे पहले दिल्ली में महज एक ही एम्स था। मोदी सरकार में देश में 21 नए एम्स बनाने पर काम चल रहा है। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर व रायपुर में 2020 तक ऐम्स बनकर तैयार हो जाएंगे।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री ने चिकित्सा शिक्षा में हुए सुधारों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमन्त्री ने नैशनल मेडिकल कमीशन बनाया है, जिसमें पारदर्शिता, ईमानदारी व उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाने को आधार बनाया गया है। अब एक ही परीक्षा के माध्यम से एम्स समेत सभी मेडिकल कॉलिज में प्रवेश हो जाएगा। साथ ही एमबीबीएस की अन्तिम वर्ष की परीक्षा से इण्टर्नशिप, एमएस तक में प्रवेश तथा सभी मेडिकल कॉलिज में काम करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश में 29 हज़ार एमबीबीएस व 17 हज़ार एमएस की सीट बढ़ायी गयी हैं। अगले 5 वर्ष के आधार पर डब्लूएचओ के मानक के अनुरूप चिकित्सकों की कमी पूरी कर ली जाएगी।

झाँसी के छात्रों के साथ दी थी एमबीबीएस परीक्षा

केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि आज से 45 साल पहले जब कानपुर मेडिकल कॉलिज में पढ़ते थे, तब झाँसी व कानपुर मेडिकल कॉलिज की एक साथ परीक्षाएं होती थी। कानपुर विवि एक साथ परीक्षा कराता था, तब झाँसी के चिकित्सा छात्रों के साथ मैं भी परीक्षा देता था। एमबीबीएस व एमएस भी उत्तर प्रदेश की धरती से किया। जीवन की उच्च शिक्षा व उच्चतम संस्कार उत्तर प्रदेश की धरती पर मिले, इसीलिए इस धरती का ऋणी हूँ। यहाँ आकर उन्हें खुशी हो रही है।

अच्छे डॉक्टर बनकर दिखायें

डॉक्टर बनना सौभाग्य की बात है और ईश्वर का आशीर्वाद है। पर, हमें अच्छे डॉक्टर बनकर दिखाना है, यह एक चुनौती है। ऐसे डॉक्टर बने, जो मरीजों के हित के साथ मेडिकल व्यवसाय की गरिमा को पुनस्र्थापित करने में योगदान दें। बीमारियों के खिलाफ जंग के लिए चिकित्सकों को सहयोग करना है। वर्ष 2030 तक विश्व स्वास्थ्य संगठन टीबी की बीमारी को दुनिया से समाप्त करना चाहता है। पीएम 2025 तक इसे समाप्त करना चाहते हैं। कालाजार को समाप्त करना है। मलेरिया के मामलों में कमी आयी है। कई अन्य बीमारियों में भी कमी आयी है। इन्द्रधनुष का दूसरा चरण शुरू हो रहा है, जिससे कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। प्रसव आशीर्वाद है और यह अभिशाप नहीं बनना चाहिए। टीकाकरण अभियान का लाभ प्रत्येक गर्भवती महिला तक पहुँचे, इसमें चिकित्सकों की बड़ी भूमिका है।

दिल्ली आगजनी की घटना से मन व्यथित

केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यहाँ आकर उनके संसदीय क्षेत्र चाँदनी चौक में अग्निकाण्ड का दु:खद समाचार मिला, आग से कई लोग असमय काल-कवलित हो गये। वह यहाँ जरूर हैं, लेकिन उनका मन तकलीफ के साथ कष्ट में है। इस कार्यक्रम के बाद वह दिल्ली वापस जाकर मृतकों के परिवारजनों से मिलना चाहते हैं। हम आप सब की तरफ से मृतक जनों की आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना करते हैं तथा घायलों को ठीक करने की भी भगवान से प्रार्थना करते हैं।

चिकित्सकों पर मरी़जों का भार अधिक : सुरेश खन्ना

झाँसी : प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मन्त्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लोग ईश्वर के बाद चिकित्सक को ही ईश्वर के रूप में देखते हैं। चिकित्सकों में आम लोगों से अधिक सम्वेदनशीलता होनी चाहिए, क्योंकि चिकित्सक की आयु से अधिक दीर्घ उसकी ख्याति व प्रतिष्ठा की आयु होती है। चिकित्सक के मन में सेवा का भाव होना चाहिए, जो सम्वेदनशीलता बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सकों के सामने मरीजों की संख्या अधिक होती है, लेकिन चिकित्सकों को मानसिक सन्तुलन नहीं खोना चाहिए। मुख्यमन्त्री व केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री का सपना है कि चिकित्सकों की कमी को पूरा किया जाए। जल्द ही प्रदेश में नए 13 मेडिकल कॉलिज स्थापित होंगे व चिकित्सकों की कमी को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशिऐलिटि ब्लॉक के उद्घाटन से उत्तर प्रदेश के साथ मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड के लोगों को भी लाभ मिलेगा। डाक्टर्स की कमी को हर हाल पूरा किया जायेगा तथा डॉक्टर्स की कमी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। चिकित्सा व शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम मिले हैं, जिससे सुविधाएं बढ़ी हैं और लोगों का भरोसा भी बढ़ा है। प्रधानमन्त्री का 2020 तक हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के बाद झाँसी में सुपर स्पेशिऐलिटि ब्लॉक का शुभारम्भ आज हो गया है। मेरठ में ऐसा ब्लॉक बनकर तैयार है तो कानपुर, प्रयागराज व आगरा में भी यह सुविधा जल्द उपलब्ध होने की स्थिति में है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा सुविधा को बढ़ाने के लिए पाँच मेडिकल कॉलिज का शुभारम्भ हुआ है। फतेहपुर, ऐटा, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर व हरदोई में मेडिकल कॉलिज निर्माणाधीन हैं। तीसरे चरण में प्रदेश में बिजनौर, सुल्तानपुर, गौण्डा, ललितपुर, खुशीनगर, खीरी, चन्दौली, बुलन्दशहर, सौनभद्र, पीलीभीत, औरेया, कानपुर देहात व कौशम्बी में मेडिकल कॉलिज बनाए जा रहे हैं। आजादी के बाद प्रदेश में 70 सालों में 12 मेडिकल कॉलिज ही बनाए गए, जबकि इस सरकार में 26 मेडिकल कॉलिज बनाने का लक्ष्य है। इससे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता समझी जा सकती है।

इस अवसर की साक्षी बनकर गौरवान्वित हूँ : डॉ. साधना

मेडिकल कॉलिज की प्रधानाचार्या डॉ. साधना कौशिक ने कहा कि आज सुपर स्पेशिऐलिटि ब्लॉक के शुभारम्भ अवसर पर अतिथियों का स्वागत करते हुए वह गौरवान्वित हैं। वह इसी मेडिकल कॉलिज की छात्रा रहीं और इसी कॉलिज में एक बड़े कार्यक्रम की साक्षी बनकर गौरवान्वित महसूस रही हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलिज की स्थापना व विकास पर विस्तार से जानकारी दी।

फाइल-रघुवीर शर्मा

समय-8.10

8 दिसम्बर 19

Posted By: Jagran

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