- ब्रैण्डिड जूते, हल्की ट्राइकलर लैम्प, टूल किट बैग व रेनकोट मिलेगा

- जर्सी में औ़जार रखने की जगह होगी

झाँसी : रेलवे ने गैंगमेन की परेशानियों की सुध ली है। ट्रैक पर कड़ी मेहनत करने वाले गैंगमेन को कार्य के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें अब उनकी ड्रेस बदलने के साथ ही नये और हल्के सेफ्टि टूल्स दिये जाएंगे। खास बात यह है कि यह सामग्री उस भत्ते से अलग होगी, जो गैंगमेन को ड्रेस अलाउंस के रूप में पहले से मिलता है।

गैंगमेन रेलवे के पर्यवेक्षक के रूप में काम करते हैं। यदि ट्रैक पर किसी प्रकार का फॉल्ट है, तो उसके लिए ट्रेन के लोको पायलट को अलर्ट करने के साथ ही फॉल्ट को ठीक भी करना होता है। लगभग 1.5 किलोग्राम व़जनी फिश बोल्ट पाना, लगभग 2 किलोग्राम की ट्राइकलर लैम्प के साथ ही कई और औ़जार उठाकर उन्हें ट्रैक पर ले जाना पड़ता है। यकीन करना होगा कि आधुनिक तकनीकि के दौर में आज भी यदि ट्रेन आ रही है और आगे कहीं ट्रैक पर फॉल्ट है, तो ट्रेन को रुकवाने के लिए गैंगमेन पटरी के बीचो-बीच एक लाल झण्डा लगाकर 600 मीटर की दूरी तय कर हल्का डेटोनेटर (ब्लास्टिंग मटीरियल) पटरियों पर रख देते हैं। ट्रेन जब इस पर आती है, तो एक ते़ज आवा़ज होती है। माना जाता है कि इससे लोको पायलट अलर्ट हो जाते हैं। साथ ही उसी वक्त ट्राइकलर लैम्प दिखानी होती है। इसके बाद औ़जार लेकर वहाँ पहुँचना होता है और फॉल्ट को ठीक करना होता है। मौसम ख़्ाराब होने पर भीगते हुए भी यह काम करना होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे गैंगमेन के लिए काम और भी चुनौती भरा होता है। कड़ी मेहनत वाले काम के अलावा उन्हें ़जहरीले कीड़ों से भी निपटना पड़ता है। इस स्थिति में काम कर रहे गैंगमेन के लिए मन्थन तो खूब हुआ, पर कोई ठोस ़कदम नहीं उठाये गये। अब जाकर रेलवे ने इनकी सुध ली है। रेलवे ने उनके लिए अब नयी जर्सी, मौसम के हिसाब से ड्रेस व नये सेफ्टि टूल्स देने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों को अब नारंगी रंग की जर्सी व ट्राउ़जर ड्रेस के रूप में दिया जाएगा। इस जर्सी में छोटे औ़जार रखने की जगह होगी, तो टूल किट बैग में अन्य औ़जार रखे जा सकेंगे। बारिश से बचाव के लिए रेन कोट व सर्दी से बचने के लिए विण्टर जर्सी भी उन्हें मिलेगी। साथ ही ब्रैण्डिड जूते व रात में काम करने वाले कर्मचारियों को हेल्मिट मिलेगा। इसके अलावा जिस फिश बोल्ट पाना की सबसे अधिक ़जरूरत उन्हें होती है, वह व ट्राइकलर लैम्प आधे व़जन की दी जाएगी। वर्तमान में गैंगमेन को 5 ह़जार रुपए प्रतिमाह भत्ता ड्रेस अलांउस के रूप में मिलता है, यह उन्हें इस सामग्री के अलावा मिलता रहेगा। नयी सामग्री हर 6 महीने से 1 साल में दूसरी मिलती रहेगी।

इन्होंने कहा

ट्रेन की सुरक्षा गैंगमेन पर पूरी तरह निर्भर होती है। ये पर्यवेक्षक ही नहीं, ट्रेन के रक्षक भी हैं। कार्य के दौरान उनको सहूलियत हो, इसकी व्यवस्था हल्के औ़जार व नये सेफ्टि टूल्स देकर की जा रही है। उम्मीद है कि इससे उनको काफी आराम मिलेगा।

- मनोज कुमार सिंह

जनसम्पर्क अधिकारी (झाँसी मण्डल रेलवे)

फाइल : हिमांशु वर्मा

समय : 7.30 बजे

11 सितम्बर 2018

Posted By: Jagran