जौनपुर में दुराचार के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से भड़के ग्रामीण, पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा
जौनपुर के मोलनापुर में दुराचार के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने शिकारपुर तिराहे पर चक्का जाम ...और पढ़ें

जौनपुर में दुराचार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज।
HighLights
दुराचार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीण आक्रोशित हुए।
शिकारपुर तिराहे पर ग्रामीणों ने दो घंटे तक चक्का जाम किया।
पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर रास्ता खोला।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। सरायख्वाजा क्षेत्र के मोलनापुर में युवती से दुराचार के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को शिकारपुर तिराहे पर चक्का जाम कर दिया। जौनपुर-खुटहन व बैजारामपुर मार्ग करीब दो घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की वार्ता विफल होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और आवागमन बहाल कराया।
घटना सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव की है, जहां सात सितंबर को एक युवती के साथ दुराचार की वारदात हुई थी।पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है और मामले में लीपापोती में जुटी है। इसी से नाराज होकर शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे शीला देवी और सीता देवी के नेतृत्व में लगभग 50 ग्रामीण शिकारपुर पुलिस चौकी पहुंचे और घेराव करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
चौकी पर प्रदर्शन के बाद आक्रोशित ग्रामीण शिकारपुर तिराहे पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों के अचानक सड़क पर बैठने से जौनपुर-खुटहन और जौनपुर-बैजारामपुर मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और राहगीर व यात्री घंटों जाम में फंसे रहे।
ग्रामीण पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी के साथ सरायख्वाजा, खेतासराय, लाइन बाजार और खुटहन थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर जाम हटवाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और करीब दो घंटे तक चली वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला।
जब ग्रामीण सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने सुबह करीब 11:30 बजे कड़ा रुख अपनाते हुए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के बल प्रयोग करते ही प्रदर्शनकारियों में भगदड़ मच गई और भीड़ तितर-बितर हो गई। सड़क खाली होने के बाद पुलिस ने दोनों प्रमुख मार्गों पर वाहनों का आवागमन सामान्य कराया।उधर, सरायख्वाजा थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलते ही मामले की जांच कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
