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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अब छुट्टियों में भी जारी रहेगी पढ़ाई, घर से मिलेगी ई-लाइब्रेरी की सुविधा

By khalid shah Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 19 Sep 2026 12:14 PM (IST)

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय अब छुट्टियों में भी ई-लाइब्रेरी की सुविधा प्रदान करेगा। इससे विद्यार्थी और शोधार्थी घर बैठे ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अब छुट्टियों में भी घर से करें पढ़ाई, मिलेगी ई-लाइब्रेरी सुविधा।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अब छुट्टियों में भी घर से करें पढ़ाई, मिलेगी ई-लाइब्रेरी सुविधा।

HighLights

  1. छुट्टियों में घर बैठे ई-लाइब्रेरी से पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

  2. ई-बुक, ई-जर्नल, शोधपत्र जैसे डिजिटल संसाधन उपलब्ध होंगे।

  3. विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अब लाइब्रेरी की सुविधा छुट्टियों और निर्धारित समय की सीमा से आगे ले जाने की तैयारी है। ई-बुक, ई-जर्नल, शोधपत्र और अकादमिक डेटाबेस जैसे डिजिटल संसाधनों का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि विद्यार्थी और शोधार्थी विश्वविद्यालय या लाइब्रेरी में मौजूद न होने पर भी अधिकृत एक्सेस के जरिए जरूरी सामग्री पढ़ सकें। इसके लिए उपलब्ध ई-संसाधनों की समीक्षा और उन्हें विद्यार्थियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर काम शुरू किया जा रहा है।

साप्ताहिक अवकाश, त्योहारों या लंबे अवकाश में लाइब्रेरी बंद रहने के दौरान भी विद्यार्थी घर से उपलब्ध डिजिटल सामग्री का उपयोग कर सकेंगे। परीक्षा की तैयारी में किसी विषय की संदर्भ सामग्री की जरूरत हो या शोधार्थी को किसी शोधपत्र अथवा जर्नल की आवश्यकता पड़े, उसे लाइब्रेरी खुलने का इंतजार नहीं करना होगा। इससे पढ़ाई और शोध का काम छुट्टियों में भी जारी रखा जा सकेगा।

डिजिटल संसाधनों में पाठ्यक्रम से संबंधित ई-बुक के साथ शोध पत्रिकाएं, शोधपत्र, संदर्भ सामग्री और अकादमिक डेटाबेस शामिल किए जाएंगे। विषय, लेखक या शोध के आधार पर सामग्री खोजने की सुविधा होने से विद्यार्थियों को आवश्यक सामग्री तक पहुंचने में आसानी होगी। शोधार्थियों के लिए नए शोधपत्र और प्रमाणिक अकादमिक स्रोत उपयोगी होंगे, जिससे अपने शोध विषय से संबंधित पूर्व और नवीनतम कार्यों की जानकारी जुटाने का दायरा बढ़ेगा।

ई-संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को इनके इस्तेमाल की जानकारी देने पर भी जोर रहेगा। उन्हें उपलब्ध डिजिटल संसाधनों, अधिकृत एक्सेस की प्रक्रिया और अध्ययन व शोध में उनके उपयोग के बारे में बताया जाएगा। इससे केवल संसाधन उपलब्ध कराने के बजाय उनका वास्तविक उपयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पूर्व में विश्वविद्यालय पुस्तकालय का संचालन समय बढ़ाकर शाम आठ बजे तक किया गया था। अब डिजिटल संसाधनों का दायरा बढ़ने से पुस्तकालय की सुविधा को समय और स्थान की सीमा से आगे ले जाने की दिशा में काम होगा। विद्यार्थी परिसर में रहकर या अवकाश के दौरान घर से, उपलब्ध अधिकृत डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।

पुस्तकालय अब केवल मुद्रित पुस्तकों तक सीमित नहीं रह सकता। विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रमाणिक डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराना जरूरी है। ई-बुक, ई-जर्नल और शोध संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ इनके उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि अवकाश के दौरान भी विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और शोध का काम जारी रख सकें।

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प्रो. राकेश कुमार सिंह, कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय