वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में चार बार बढ़ी तारीख, फिर भी 1.30 लाख ही पंजीकरण
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्नातक-परास्नातक पंजीकरण की धीमी गति से परीक्षा तंत्र संकट में है। चार बार तिथि ...और पढ़ें

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पंजीकरण संकट, परीक्षा कार्यक्रम पर असर।
HighLights
1.30 लाख पंजीकरण, पिछले वर्ष से 10 हजार कम छात्र।
महाविद्यालयों की लापरवाही से 20 प्रतिशत प्रवेश अब भी लंबित।
परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर से बढ़कर जनवरी तक खिंचने की आशंका।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में पंजीकरण की धीमी रफ्तार ने पूरे परीक्षा तंत्र के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। चार बार तिथि विस्तार के बाद 31 अगस्त को पोर्टल बंद होने तक विश्वविद्यालय परिसर सहित जौनपुर व गाजीपुर के 605 संबद्ध महाविद्यालयों से महज 1.30 लाख छात्र-छात्राओं का ही पंजीकरण हो सका, जो बीते वर्ष के मुकाबले करीब 10 हजार अभी भी कम है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सत्र को समय पर संचालित करने के उद्देश्य से दो जून को ही पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की थी। नियमों के तहत पंजीकरण पूरा होने के बाद ही विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग विद्यार्थियों का स्थायी नामांकन (एनरोलमेंट) नंबर जारी करता है। इसी नंबर के आधार पर परीक्षा फॉर्म भराए जाते हैं, आंतरिक मूल्यांकन के अंक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होते हैं और प्रवेश पत्र जनरेट किए जाते हैं।
महाविद्यालयों की लापरवाही का आलम यह है कि करीब 20 प्रतिशत प्रवेश अब भी पोर्टल पर दर्ज नहीं किए जा सके हैं। इसका सीधा नुकसान यह होगा कि जब तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों का डेटा लॉक होकर एनरोलमेंट नंबर जारी नहीं होगा, तब तक परीक्षा विभाग प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा समय-सारणी (टाइम टेबल) तैयार नहीं कर पाएगा।
एनरोलमेंट में होने वाली हर एक दिन की देरी सीधे तौर पर परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि को आगे धकेलेगी।इसका दुष्परिणाम यह होगा कि विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं जो नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित होती हैं, वे जनवरी तक खिंच सकती हैं। इसका सीधा असर प्रायोगिक परीक्षाओं, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और सत्र के परीक्षा परिणाम घोषित करने पर पड़ेगा। छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए कुलपति प्रो.राकेश कुमार सिंह के आदेश पर प्रशासन ने एक अंतिम अवसर देने का निर्णय लिया है।
कुलपति के आदेशानुसार यूजी-पीजी रजिस्ट्रेशन की तिथि 10 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है। इस बीच सभी संबंधित महाविद्यालय 100 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से पूरा कर लें। इसके बाद किसी भी दशा में तिथि नहीं बढ़ाई जाएगी।
