वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज में नंबर घटाने और पास विषयों में फेल करने का गंभीर आरोप
छात्रा मानसी गुप्ता ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध माइक्रोटेक कॉलेज में अंकपत्रों में भारी विसंगतियों और अंकों ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज में छात्रा के अंकपत्रों में गंभीर गड़बड़ी, कुलपति ने दिए जांच के आदेश।
HighLights
छात्रा मानसी गुप्ता ने अंकपत्रों में कटौती का आरोप लगाया।
माइक्रोटेक कॉलेज पर अंकों में हेरफेर का आरोप।
कुलपति ने तत्काल जांच कर सुधार के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध केराकत स्थित माइक्रोटेक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में अंकपत्रों की विसंगतियों से तंग आकर एमएससी (कंप्यूटर साइंस) की छात्रा के सब्र का बांध टूट गया। कॉलेज में अंकपत्र संशोधन की गुहार लगाते-लगाते रो पड़ी छात्रा ने विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह से न्याय की गुहार लगाई।
पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक को तत्काल प्रकरण की पड़ताल कर जांच कराने और अंकपत्र संशोधित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। वाराणसी के वरुणाब्रिज की रहने वाली छात्रा मानसी गुप्ता ने कुलपति प्रोफेसर राकेश कुमार सिंह को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय के गोपनीय अनुभाग की लापरवाही के चलते उसका भविष्य अधर में लटक गया है।
छात्रा का कहना है कि उसने कई जगह पीएचडी प्रवेश परीक्षाएं दी थीं, लेकिन रिजल्ट अधूरा और त्रुटिपूर्ण होने के कारण उसकी काउंसलिंग छूट गई। छात्रा के आरोप के मुताबिक, एमएससी सीएस (सत्र 2022-24) के प्रथम से लेकर चतुर्थ सेमेस्टर तक के अंकपत्रों में मनमाने तरीके से अंकों की कटौती की गई है। पूर्णांक का ढांचा 75-25 से बदलकर 80-20 करने के नाम पर प्रैक्टिकल के प्राप्तांक में पांच अंक सीधे घटा दिए गए, लेकिन थ्योरी में अनुपातिक अंक नहीं बढ़ाए गए।
छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रथम सेमेस्टर के लैब पेपर में 84 अंक की जगह नए अंकपत्र में 72 अंक छाप दिए गए, जिससे सीधे 12 अंकों का नुकसान हुआ। द्वितीय सेमेस्टर में वेब टेक्नोलॉजी विषय में कुल 42 अंक और चार्ट के मुताबिक ‘सी’ ग्रेड होने के बावजूद मार्कशीट में ‘एफ’ (फेल) ग्रेड चढ़ा दिया गया।
तृतीय सेमेस्टर में भी सही अंक जोड़ने के बजाय गैर-वाजिब तरीके से फेल दर्शाने और ग्रेड पॉइंट घटाने का आरोप है। छात्रा का दावा है कि चतुर्थ सेमेस्टर में मशीन लर्निंग विषय में प्राप्तांक 39 से घटाकर 29 कर दिया गया और प्रैक्टिकल में अनुपस्थित दर्ज कर दिया गया। वहीं मोबाइल कंप्यूटिंग में 56 के स्थान पर महज 26 अंक छापे गए, यानी एक झटके में 30 नंबर काट लिए गए।
इसके अलावा मेजर प्रोजेक्ट की जगह गलत विषय दर्ज कर 245 के स्थान पर 215 अंक करने का भी आरोप है। छात्रा का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन इस विसंगति को सुधारने के बजाय लगातार दौड़ाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति ने परीक्षा विभाग को जांच कर अविलंब त्रुटिरहित संशोधित अंकपत्र जारी करने का आदेश दिया है।
