जौनपुर (जेएनएन)। जौनपुर-आजमगढ़ हाईवे पर शुक्रवार देर रात बरदह पावर हाउस के समीप गैस सिलेंडर लदे ट्रक की विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार डीसीएम से आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के परखचे उड़ गए। वाहनों की टक्कर में लगी आग ने ट्रक लदे सिलेंडर में आग पकड़ ली और देखते ही देखते विस्फोट के बीच हवा में उड़ते सिलेंडरों से आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। दगे सिलेंडरों की चपेट में आकर बरदह निवासी भरत यादव की पत्नी महिला इंदू देवी (सोनू) 35 वर्ष, पवन राय निवासी पुरंदरपुर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इंदू देवी को बीएचयू रेफर किया गया है।

मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों को जलते वाहनों के बीच एक युवक अधजली अवस्था में मिला। उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया। आशंका है कि गंभीर रूप से जला हुआ शख्स दोनों वाहनों में से किसी एक का चालक या खलासी है। हादसे के बाद से वाहनों के चालक व खलासी का पता नहीं चल रहा है। आसमान से आग का गोला बरसा - वाहनों की टक्कर के चलते लगी आग के बाद जब धमाके के साथ सिलेंडर दगने शुरू हुए तो आसपास के इलाके में घरों में सो रहे लोग किसी अनहोनी की आशंका से बाहर निकले।

बाहर का दृश्य देखकर लोग सहम उठे। मानो आसमान से आग का गोला बरस रहा हो। भरत यादव समेत दो दर्जन से अधिक मकानों में आग लगे सिलेंडर का मलबा गिरा। विस्फोट के चलते आजमगढ़ के आधा दर्जन गांवों बरदह, पुरसड़ी, आइमा, जिवली, उदियावा, जौनपुर के मनिहा, भुइली, भैदोरा, बारी, बिठार समेत आसपास के अन्य गांवों में अफरातफरी मच गई। सिलेंडर विस्फोट की गूंज से दहशत में आए ग्रामीण घर छोड़कर भाग खड़े हुए।

आसपास के गांवों में आग की लपटों संग तेज धमाके की आवाज लगभग आधे घंटे तक कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देती रही। देर रात समाचार दिए जाने तक मौके पर दमकल की चार गाड़िया मौजूद थी। आग पर काबू पाने की कोशिश चल रही थी। मौके पर आजमगढ़ व जौनपुर के आसपास के थानों की पुलिस समेत प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए थे। भयवश देर तक कोई घटना स्थल पर जाने का साहस तक नहीं जुटा पा रहा था।

ढाई सौ से अधिक सिलेंडर थे - सिलेंडर लदा ट्रक इलाहाबाद से गैस सिलेंडर लेकर आ रहा था। मिनी ट्रक (डीसीएम) खाली था और जौनपुर की ओर जा रहा था। फायर ब्रिगेड के अनुसार ट्रक में ढाई सौ से अधिक घरेलू सिलेंडर मौजूद थे। टक्कर के बाद पहले डीसीएम में आग लगी और फिर सिलेंडर लदे ट्रक में आग लग गई। आग की चपेट में आकर ट्रक में मौजूद पचास से अधिक सिलेंडरों में आग लगी और वे दग गए। तीन सौ सिलेंडर, ढाई सिलेंडर लदे थे। आधा किलोमीटर एरिया में सिलेंडर का मलबा बिखरा था।

लगा जाम, रूट डायवर्ट - वाहनों में टक्कर के बाद जब आग लगी और सिलेंडर दगने शुरू हुए तो उस मार्ग पर चल रहे अन्य वाहन चालकों में अफरातफरी मच गई। चालक अपने वाहन पीछे करने लग गए। आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर भारी वाहनों की इलाके में लंबी कतार लग गई।

देर रात हालात सामान्य- फायर ब्रिगेड, ग्रामीणों की मदद से देर रात हालात सामान्य हुए। रूट डायवर्जन के बाद जिला प्रशासन ने जेसीबी से मार्ग पर पड़े मलबे को हटाना शुरू कर दिया। बचे हुए सिलेंडरों को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरती जा रही थी। फायर ब्रिगेड ने सभी सिलेंडरों की बारीकी से जांच की।


 

आग पर काबू पाने की कोशिश चल रही थी। मौके पर आजमगढ़ व जौनपुर के आसपास के थानों की पुलिस समेत प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए थे। भयवश देर तक कोई घटना स्थल पर जाने का साहस तक नहीं जुटा पा रहा था। हादसे के बाद दोनों वाहनों के चालकों व खलासी का कहीं पता नहीं है।’ 
 

Posted By: Arun Kumar Singh