जागरण संवाददाता, जौनपुर : आजमगढ़ की जहरीली शराब ने जिले के भी कई गांव को आगोश में ले लिया है। शुक्रवार को शराब पीने से खेतासराय क्षेत्र के मेहरौड़ा गांव निवासी तीन और की जहां मौत हो गई वहीं दो युवकों के आंख की रोशनी छिन गई है। दोनों को गंभीरावस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ितों में एक आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र सरावां गांव का निवासी है।

खेतासराय थाना क्षेत्र के महरौड़ा गांव के लोगों का कहना है कि लक्ष्मण बिद, अरुण कुमार, कंचन बिद, अखिलेश बिद समेत कई लोगों ने शराब पी थी। अचानक चार को जिला चिकित्सालय लाया गया जहां लक्ष्मण की उपचार के दौरान मौत हो गई जबकि कंचन व अरुण ने वाराणसी में दम तोड़ दिया। अखिलेश बिद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। उसे आंख से दिखाई नहीं दे रहा है। पूछने पर अखिलेश ने बताया कि उसने 12 मई को कच्ची शराब पी थी। उसी दिन दिन से हालत खराब होने लगी और धीरे-धीरे आंख की रोशनी चली गई। वहीं शनिवार को दोपहर में आजमगढ़ दीदारगंज थाना क्षेत्र के सरावां गांव निवासी पंकज मौर्य को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके भी आंख की रोशनी चली गई है। पीड़ित पंकज ने भी बताया कि उसने आठ मई को कच्ची शराब पी थी। चिकित्सालय के भर्ती रजिस्टर में मरने वाले और दोनों पीड़ितों के नाम के आगे अल्कोहलिक टाक्सिकेशन दर्शाया गया है। पीड़ित शराब पीना बता रहे, पुलिस मान रही कोरोना

खेतासराय (जौनपुर): शराब से जनपद में लगातार मौतें हो रही हैं। पीने वालों के आंख की रोशनी जा रही है वहीं दूसरी तरफ पुलिस-प्रशासन कोरोना संक्रमण से मौत बताकर मामले को दफन करने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। अपनी बात को सच साबित करने के लिए शनिवार को सरायख्वाजा क्षेत्र के महरौड़ा गांव में सफाई, सैनिटाइज और आरटी-पीसीआर से जांच के लिए नमूना लिया गया। पीड़ित परिवार के लोग मुंह न खोलें इसलिए मेहरौड़ा गांव व जिला अस्पताल में पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। नहीं कराया पोस्टमार्टम, जबरन करा दिया दाह संस्कार

खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के मेहरौड़ा गांव में शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थिति में मरने वालों के स्वजनों ने पुलिस-प्रशासन पर जबरन दाह संस्कार का आरोप लगाया है। उनका कहना है हम लोग पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने पिलकिछा घाट पर दाह संस्कार करा दिया। मृतक कंचन के भाई शिवम व अरुण के भाई श्याम करण ने बताया कि तीनों मरने वालों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे।