जागरण संवाददाता, जौनपुर : फिल्म 'ठग्स आफ ¨हदुस्तान' के निर्माता आदित्य चोपड़ा, निर्देशक विजय कृष्णा व अभिनेता आमिर खान के खिलाफ जाति विशेष को अपमानित कर मानहानि करने एवं भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में संजीव नागर व मनोज नागर ने जेएम द्वितीय की कोर्ट में शपथ पत्र के माध्यम से आरोपियों के खिलाफ बयान दिया। परिवादी हंसराज व गवाह प्रदीप, बृजेश, अजीत पहले ही आरोपियों के खिलाफ बयान दर्ज करा चुके हैं। आरोपियों को तलब करने के संबंध में कोर्ट ने 20 फरवरी को बहस की तिथि नियत किया है।

निषाद जाति के हंसराज चौधरी ने फिल्म 'ठग्स आफ ¨हदुस्तान' के निर्माता, निर्देशक व अभिनेता के खिलाफ परिवाद दायर किया था। परिवादी की ओर से उनके अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव, बृजेश ¨सह व रवीन्द्र विक्रम ने तर्क दिया कि फिल्म अंग्रेजी उपन्यासकार के उपन्यास पर आधारित है जो आजादी के पूर्व आजादी के दीवानों को आतंकवादी ठग आदि शब्द कहते थे। जानबूझकर फिल्म की टीआरपी बढ़ाने,मुनाफा कमाने के लिए दुर्भावनापूर्ण तरीके से फिल्म का ऐसा नाम रखा गया और जाति विशेष को फिल्म में अपमानित किया गया। पूरे निषाद समाज को ठग व फिरंगी की संज्ञा दी गई। आमिर खान को फिल्म में फिरंगी मल्लाह से संबोधित किया गया। फिल्मकार जानते हैं कि विरोध पर फिल्म ज्यादा चलेगी। विरोध न होने पर लोग निषाद/मल्लाह को ठग व फिरंगी समझेंगे। फिल्मकारों के इस कृत्य से सौहार्द व देश की एकता व अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। मल्लाह जाति की मानहानि फिल्म के ऐसे नाम व ²श्य के प्रकाशन से हुई। परिवादी व गवाहों ने सोशल मीडिया पर फिल्म का ट्रेलर देखा जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई।

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