जासं, जौनपुर: कलेक्ट्रेट में गुरुवार को अस्थाई गोआश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश के भरण पोषण संबंधित बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी जिलाधिकारी गौरव वर्मा ने कहा कि गोआश्रय में चारे की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोआश्रय में गोवंश के भरण पोषण हेतु प्रत्येक विकासखंड को 50 हजार रुपये उपलब्ध करा दिया गया है। संरक्षित गोवंश का पंजीकरण एवं टै¨गग तथा चिकित्सा पशुपालन विभाग द्वारा किया जा रहा है। प्रभारी जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उपलब्ध कराई गई धनराशि गौशाला के लिए पृथक खाता खोलकर उसमें रखा जाए। खाता का संचालन खंड विकास अधिकारी एवं विकास खंड के पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विरेन्द्र ¨सह द्वारा बताया गया कि जनपद में 18 स्थानों पर गोआश्रय स्थल बनाकर कुल 1453 गोवंश संरक्षित किए गए हैं।

Posted By: Jagran