जागरण संवाददाता, मछलीशहर (जौनपुर) : बड़ी संख्या में पात्र किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ पाने से वंचित हो जाएंगे। वजह, खतौनी में उनका नाम नहीं दर्ज है। वह कई साल से वरासत के लिए तहसीलों का चक्कर काट रहे हैं लेकिन सरकार के आदेश के बाद भी राजस्व कर्मी व लेखपाल हीलाहवाली कर रहे हैं।

केंद्र सरकार ने किसानों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए पारित बजट में प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना लागू किया है। चुनाव के ऐन वक्त पर लागू इस योजना का अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाकर श्रेय लेने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में ऐसे पात्रों को सूचीबद्ध कर चार माह की पहली किश्त दो हजार रुपये खाते में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए लेखपालों व अन्य राजस्व कर्मियों की मदद से आधार कार्ड, फोटो, बैंक खाता नंबर सहित अन्य अभिलेख लिए जा रहे हैं। प्रथम चरण की फी¨डग का कार्य हो गया है वहीं दूसरे चरण की फी¨डग दिन-रात चल रही है।

इससे इतर तहसील में हजारों की संख्या में ऐसे काश्तकार हैं जिनका नाम भी वर्षों से खतौनी में नहीं चढ़ा है। वरासत के लिए शासन द्वारा तिथि तय किए जाने के बाद भी लेखपाल आदेश का अनुपालन नहीं कर रहे है। आवेदन देने के बाद भी तरह-तरह का बहाना बनाकर लौटा दिया जा रहा है। किसानों ने किया दर्द बयां

चौकीखुर्द गांव निवासी रामजी पांडेय की मृत्यु तीन वर्ष पूर्व हुई थी। उनके वारिसों शिव नरायन आदि का नाम अभी तक दर्ज नहीं हुआ, इसी गांव के श्याम शंकर पांडेय की भी मृत्यु हो चुकी लेकिन प्रफुल्ल व अन्य बारिश तहसील का चक्कर काट रहे हैं। जुड़ऊपुर गांव के राम बहादुर पटेल की विधवा रामकली का नाम खतौनी में नहीं आया। इसी तरह सिऊरा के राम लखन की मृत्यु हो चुकी बेटा राम जतन तहसील की खाक छान रहा है। कुढ़ा गांव निवासी सीता देवी पत्नी जटा शंकर की मृत्यु छह सितंबर 2010 को हुई अभी तक वारिसों मंगला, कमला का नाम नहीं दर्ज हुआ है, जबकि इसी बीच एक वारिस कमला ने भी दम तोड़ दिया। इसी गांव के बिहारी मर गए तो उनके लड़के तेज बहादुर, रामधनी तहसील के चक्कर लगा रहे हैं जबकि एसडीएम का भी आदेश हुआ। गांव के ही राम राज, राम लखन, लालजी सहिता लोगों के वारिसों का नाम आज तक खतौनी में नहीं दर्ज हुआ। तहसील क्षेत्र का कोई ऐसा गांव नहीं होगा जहां शत प्रतिशत वरासत दर्ज हो। पात्रों का कहना है कि यदि जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया तो वह सरकार द्वारा चलाई गई इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ पाने से वंचित हो जाएंगे। जिनका वरासत का प्रकरण लंबित हैं उन्हें भी योजना का लाभ दूसरे चरण में मिलेगा। वारिश आवेदन देकर अपना वरासत करा लें। यदि कोई राजस्व कर्मी हीला-हवाली करता है तो शिकायत कार्यालय में करें। दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

जेएन सचान

उपजिलाधिकारी, मछलीशहर।

Posted By: Jagran

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