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पूर्वांचल की प्रतिभाओं को मिले बड़ा मंच, यूपी में हों एक से अधिक रणजी टीमें : सुरेश रैना

By khalid shah Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 14 Oct 2026 05:53 PM (IST)

भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्रिकेट प्रतिभाओं की कमी नहीं है, उन्हें पर्याप्त अवसर और ...और पढ़ें

सुरेश रैना ने कहा, यूपी में क्रिकेट प्रतिभाओं को चाहिए बड़ा मंच और अधिक रणजी टीमें।

सुरेश रैना ने कहा, यूपी में क्रिकेट प्रतिभाओं को चाहिए बड़ा मंच और अधिक रणजी टीमें।

HighLights

  1. यूपी में क्रिकेट प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर मिलें।

  2. प्रदेश में एक से अधिक रणजी टीमें बननी चाहिए।

  3. जौनपुर प्रीमियर लीग स्थानीय प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सुरेश रैना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्रिकेट प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर और बेहतर मंच उपलब्ध कराने की है। प्रदेश में खिलाड़ियों की संख्या, भौगोलिक विस्तार और क्रिकेट के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान को देखते हुए एक से अधिक रणजी टीमें गठित करने पर विचार किया जाना चाहिए।

इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकेंगे। वह बुधवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित जौनपुर प्रीमियर लीग (जीपीएल) के फाइनल मुकाबले में शामिल होने पहुंचे थे। प्रेसवार्ता में उन्होंने युवा क्रिकेटरों की संभावनाओं, घरेलू क्रिकेट और खेल के विकास पर अपने विचार रखे।

रैना ने कहा कि जौनपुर प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों का उत्साह और भागीदारी सराहनीय है। ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने के साथ प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का अनुभव हासिल करने का अवसर देते हैं। खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर नियमित अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई बल्लेबाज 100 रन बनाने का लक्ष्य निर्धारित कर उसी के अनुरूप तैयारी और रणनीति के साथ मैदान पर उतरता है तो उसके प्रदर्शन में लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई देती है।बिहार के युवा क्रिकेटरों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कम उम्र में भी खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के दम पर पहचान बना सकते हैं। इसके लिए प्रतिभा के साथ मेहनत और सही अवसर जरूरी हैं।

अपने शुरुआती क्रिकेट जीवन का उल्लेख करते हुए रैना ने कहा कि उनके समय में छात्रावास में रहकर अभ्यास करने और खेल की बारीकियां सीखने का अवसर महत्वपूर्ण था। आज युवाओं के सामने अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और लीग के रूप में अनेक मंच उपलब्ध हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम स्थित क्रिकेट मैदान की सराहना करते हुए रैना ने विश्वविद्यालय की टीम को ऊर्जावान और मेहनती बताया।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को तकनीक, फिटनेस और खेल की समझ पर लगातार काम करते हुए मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए। बेहतर प्रदर्शन ही उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने में मदद करेगा। अपने क्रिकेट करियर की एक यादगार पारी का जिक्र करते हुए उन्होंने 87 रन पर रन आउट होने वाली पारी को दोबारा खेलने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि वह उस पारी को पूरा करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।कार्यक्रम के दौरान जौनपुर प्रीमियर लीग की जर्सी लांच की गई।

कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह और पूर्व आइएएस अधिकारी एवं अभिनेता अभिषेक सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। दोनों ने सुरेश रैना सहित उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। रैना ने भी लीग के आयोजन के लिए कुलपति और अभिषेक सिंह के प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. सैमुअल पॉल एन. और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

जौनपुर प्रीमियर लीग युवा क्रिकेटरों के लिए बनेगी कामयाबी की नई पिच

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की कमी नहीं है। यहां के युवाओं में खेल के प्रति जुनून और कुछ कर गुजरने का जज्बा है। जरूरत है उनकी प्रतिभा को निखारने और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देने की।

जौनपुर प्रीमियर लीग (जेपीएल) युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसा ही महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर क्रिकेट में आगे बढ़ने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। ये बातें उन्होंने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। वह लीग के फाइनल मुकाबले में शामिल होने पहुंचे थे।

सुरेश रैना ने कहा कि उत्तर प्रदेश लंबे समय से क्रिकेट प्रतिभाओं की धरती रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जिनमें बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है। उन्हें उचित मंच और प्रतिस्पर्धी माहौल मिले तो वे अपनी प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। जौनपुर प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी और उनके उत्साह को उन्होंने सकारात्मक संकेत बताया। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को बड़े लक्ष्य के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने खिलाड़ियों को लक्ष्य निर्धारित कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने की सीख दी। कहा कि क्रिकेट में सफलता के लिए केवल मैदान पर उतरना पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ी को अपने प्रदर्शन का लक्ष्य तय करके उसके लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए।

यदि कोई बल्लेबाज 100 रन बनाने का लक्ष्य लेकर उतरता है और उसी के अनुरूप तैयारी, अभ्यास तथा रणनीति पर काम करता है तो उसका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। लक्ष्य के प्रति समर्पण, आत्मविश्वास और अनुशासन ही खिलाड़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

रैना ने कहा कि खेल में हर मुकाबला सीखने का अवसर होता है। खिलाड़ियों को जीत से आत्मविश्वास और हार से अपनी कमियों को पहचानने की सीख लेनी चाहिए। निरंतर अभ्यास के साथ तकनीक, फिटनेस और खेल की समझ पर ध्यान देना भी जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जौनपुर प्रीमियर लीग जिले में क्रिकेट की संभावनाओं को विस्तार देगी और स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं केवल जीत-हार तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम भावना और संघर्ष करने की क्षमता भी विकसित करती हैं। जौनपुर प्रीमियर लीग जैसे आयोजन युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा दे सकते हैं।