पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एक घंटे कुलपति से सीधे संवाद कर सकेंगे छात्र-छात्राएं, शिकायतों के निस्तारण की होगी निगरानी
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने छात्रों की समस्याओं के प्रभावी समाधान हेतु छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन किया ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्र शिकायत निवारण समिति गठित, कुलपति से सीधे संवाद का समय निर्धारित।
HighLights
छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन किया गया।
कुलपति से सीधे संवाद का समय निर्धारित किया गया।
शैक्षणिक, प्रशासनिक सहित सभी समस्याओं का होगा समाधान।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। विद्यार्थियों की समस्या सुनने के साथ उसके समाधान तक की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र शिकायत निवारण समिति का गठन किया है।
कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह की पहल पर गठित समिति विद्यार्थियों की शिकायतों पर संबंधित विभागों से समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी और उनके निस्तारण की प्रक्रिया पर नजर रखेगी। इससे छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक स्पष्ट और संस्थागत मंच मिल गया है।
विगत दिनों विद्यार्थियों ने कुलपति से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया था। कुलपति ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया था। इसके बाद शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण के लिए समिति गठित की गई।डीएसडब्ल्यू प्रो. पीके यादव को समिति का अध्यक्ष एवं समन्वयक बनाया गया है।
प्रबंधन अध्ययन संकाय के प्रो. अविनाश डी. पाथर्डीकर, विज्ञान संकाय के प्रो. राजेश शर्मा, इंजीनियरिंग संकाय के प्रो. रजनीश भास्कर और अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ. अन्नू त्यागी सदस्य होंगी। एलएलएम सत्र 2026-27 के विद्यार्थी अभिनव कीर्ति पाण्डेय को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।समिति विद्यार्थियों की शिकायतों को संबंधित अधिकारियों और विभागों के समक्ष रखकर उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
शिकायतों के निस्तारण में होने वाली देरी की निगरानी के साथ आवश्यक समन्वय भी किया जाएगा। शैक्षणिक और प्रशासनिक मामलों के अलावा छात्रावास, परीक्षा, पुस्तकालय, खेलकूद और छात्र कल्याण से संबंधित समस्याएं भी समिति के समक्ष रखी जा सकेंगी।विद्यार्थियों से सीधे संवाद के लिए कुलपति ने प्रत्येक कार्यदिवस सुबह नौ से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया है।
मंगलवार और शनिवार को यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। इस अवधि में छात्र-छात्राएं अपनी समस्या, सुझाव या शिकायत सीधे कुलपति के समक्ष रख सकेंगे।विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि प्रत्यक्ष संवाद और शिकायत निवारण की संस्थागत व्यवस्था से विद्यार्थियों की समस्याओं को समय रहते समझने और आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
