पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय में विद्यार्थियों ने तैयार किए सुरक्षित एप्लीकेशन
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छह दिवसीय 'सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट' कार्यशाला संपन्न हुई, जिसमें 90 से अधिक छात्रों ने ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्रों ने सीखे सुरक्षित एप्लीकेशन बनाने के गुर।
HighLights
छह दिवसीय 'सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट' कार्यशाला का सफल समापन।
90 से अधिक छात्रों ने सुरक्षित एप्लीकेशन विकसित करना सीखा।
कुलपति ने साइबर सुरक्षा के महत्व और रोजगार पर जोर दिया।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय और आईईईई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय 'सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट' कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। 90 से अधिक विद्यार्थियों ने इसमें भाग लेकर सुरक्षित एप्लीकेशन विकसित करने के तकनीकी गुण सीखे।
समापन सत्र में कुलपति प्रो. आर. के. सिंह ने साइबर सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बैंकिंग, शिक्षा और शासन के डिजिटल होने से साइबर हमलों का जोखिम बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में डीआरडीओ, इसरो, सीईआरटी-इन, भारतीय सेना की साइबर सेल और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
विशेषज्ञ डॉ. अनुप गिरधर ने छात्रों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स का इनोवेशन और सिक्योरिटी फीचर्स के आधार पर मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में यासिर, अभिलाषा व तनु की टीम को प्रथम, प्रेरणा व प्राची को द्वितीय तथा इप्सिता व आंचल को तृतीय पुरस्कार मिला। विजेताओं को प्रमाण-पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल और संयोजक डॉ. दिव्येंदु कुमार मिश्रा की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाने में आईईईई ब्रांच चेयर सृजन श्रीवास्तव, इप्सिता, अदिति, शिवांगी, शिवांश व अमन सहित अन्य कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
