पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 12 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों ने सौंपा ज्ञापन, समस्याएं सुनने स्वयं पहुंचे कुलपति
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्रों ने कुलपति को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं के समाधान ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्रों ने रखी 12 सूत्रीय मांगें, कुलपति ने दिया समाधान का आश्वासन।
HighLights
छात्रों ने कुलपति को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग की।
कुलपति ने स्वयं निरीक्षण कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की शैक्षणिक और मूलभूत समस्याओं को लेकर मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। छात्रा नेत्री ईश्विका सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद कुलपति स्वयं प्रबंध अध्ययन संकाय पहुंचे और विद्यार्थियों से संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली।
छात्रों ने व्यवसाय प्रशासन के विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कक्ष, वाणिज्य के द्वितीय व तृतीय वर्ष में संख्या के अनुरूप अलग-अलग वर्ग, संगणक विषय के लिए कार्यशील प्रयोगशाला और विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग रखी। खराब संगणकों की मरम्मत या आवश्यकता के अनुसार उन्हें बदलने की बात भी कही।
शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर लिए गए चार हजार रुपये के शुल्क का मुद्दा उठाते हुए भ्रमण से वंचित विद्यार्थियों के शुल्क पर नियमानुसार निर्णय तथा भविष्य में शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण की स्पष्ट व्यवस्था की मांग की गई।छात्रों ने परिसर में नियमित जलपान गृह, पाठ्यक्रम के अनुरूप केंद्रीय पुस्तकालय में पुस्तकें, खराब फर्नीचर की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था कराने को कहा।
शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार तथा छात्रवृत्ति के लिए शुल्क जमा करने संबंधी स्थिति स्पष्ट करने के लिए लिखित निर्देश जारी करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।छात्रों ने प्रबंध अध्ययन संकाय में पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान सुविधाओं, मरम्मत, निर्माण, फर्नीचर और उपकरणों पर आवंटित व खर्च धनराशि का मदवार एवं कार्यवार विवरण उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध जाना नहीं, बल्कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।कुलपति ने विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने के बाद स्वयं संकाय का निरीक्षण किया। उन्होंने समस्याओं की वास्तविक स्थिति देखकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान कुलसचिव डा. विनोद कुमार सिंह और संकायाध्यक्ष प्रो. अविनाश पार्थिडकर उपस्थित रहे। छात्रों ने सभी मांगों पर दस दिन में समयबद्ध कार्रवाई और उसकी जानकारी देने की मांग की।निर्धारित अवधि में समाधान की दिशा में ठोस कदम न उठने पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात आगे रखने की बात कही।
