जौनपुर में सुरेरी थानाध्यक्ष ने किया अपहरण, असलहा पकड़ाकर बनाया वीडियो और की वसूली, निलंबन के बाद हो गए फरार
जौनपुर में सुरेरी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह पर अपहरण और वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। निलंबन के बाद फरार ...और पढ़ें

जौनपुर में पुलिस की साख पर सवाल, निलंबित थानाध्यक्ष अपहरण-वसूली के आरोप में फरार।
HighLights
सुरेरी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह पर अपहरण और वसूली के आरोप।
निलंबन के बाद फरार थानाध्यक्ष व एक अन्य पर 25 हजार इनाम।
जौनपुर में पुलिस कदाचार की उच्च स्तरीय जांच हेतु एसआईटी गठित।
जागरण संवाददाता, जौनपुर। लाठी को सांप बनाने की महारथी रही पुलिस की नई करतूत जौनपुर में सामने आई है। यहां पर सुरेरी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह पर अपहरण और वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। उन्हें निलंबित करने के बाद से वह फरार हैं। पुलिस ने इस मामले में दिव्य प्रकाश सिंह और सुरेरी के देहुआ निवासी राजनारायण गिरी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
एक सप्ताह पहले दिव्य प्रकाश सिंह को वसूली के मामले में निलंबित किया गया था। इसके बाद से उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। जलालपुर थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है, जिसमें पहाड़ी पट्टी निवासी विकास सिंह और संकीत सिंह ने बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। इस मामले में दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है।
जलालपुर के निवासी विजय राजभर ने आरोप लगाया कि 15 सितंबर को वह अपनी जूते-चप्पल की दुकान पर थे, तभी संकीत सिंह उन्हें जबरदस्ती अपने साथ ले गया। वहां चार अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें चार पहिया वाहन में बैठाकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर पैसे की मांग की। आरोपितों ने विजय का मोबाइल फोन छीनकर यूपीआई के माध्यम से विभिन्न खातों में लगभग 2,15,000 रुपये स्थानांतरित कराए और एटीएम से भी पैसे निकाले।
दूसरे मामले में सुरेरी थाने के अंतर्गत वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र के चिलबिला गांव निवासी सुशील कुमार पांडेय ने शिकायत की है कि उन्हें जबरदस्ती कार में बैठाकर सुरेरी थाने ले जाया गया। वहां असलहा पकड़ाकर उनका वीडियो बनाया गया और उनसे एक लाख पांच हजार रुपये नकद तथा साठ हजार दो सौ 99 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराने की मांग की गई।
इन घटनाओं ने जौनपुर में पुलिस की छवि को धूमिल किया है और स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। इस प्रकार के मामलों में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए और ऐसे मामलों में सख्ती से निपटना चाहिए। इससे न केवल अपराधियों में भय पैदा होगा, बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास भी बढ़ेगा। इस मामले में आगे की कार्रवाई और पुलिस की प्रतिक्रिया का सभी को इंतजार है। जौनपुर में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
फरार थाना प्रभारी सहित दो पर 25-25 हजार का इनाम
निरपराध लोगों को हिरासत में लेकर धन उगाही के मामले में दर्ज मुकदमों में आरोपितों में शामिल सुरेरी थाने में तैनात रहे फरार थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश सिंह व देहुआ गांव निवासी राज नारायन गिरि पर एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने गुरुवार को 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया है। उनकी गिरफ्तारी को गठित छह पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
इस मामले में पुलिस ने बुधवार को सुरेरी थाने के दो पुलिसकर्मियों विष्णु सिंह, सत्येंद्र गोंड व कबीरुद्दीनपुर में ग्राहक सेवा केंद्र संचालक मनीष पटेल को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। इसी मामले में जलालपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ी पट्टी निवासी आरोपित सगे भाइयों विकास सिंह व संकित सिंह ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों पुलिस कर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया था।
पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय विवेचना के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण ने विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित की है। तकनीकी साक्ष्यों के संकलन के लिए प्रभारी सर्विलांस सेल को भी टीम में रखा गया है। एसआइटी जलालपुर व सुरेरी प्रकरण से जुड़े प्रत्येक बिंदु की गहन पड़ताल कर भौतिक व तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है।
उल्लेखनीय है कि धन उगाही प्रकरण उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही तत्कालीन थाना प्रभारी मीरजापुर जेल के शहर कोतवाली क्षेत्र के अकोई गांव निवासी दिव्य प्रकाश सिंह खुद को फंसते देख बिना अवकाश लिए फरार हो गए थे। उन्हें शुक्रवार रात लाइन हाजिर फिर अगले दिन निलंबित कर दिया गया।
