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पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने तेज हवा में सात पेड़ धराशायी

By khalid shah Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 26 Sep 2026 11:07 AM (IST)

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने जलभराव और तेज हवा के कारण सात पुराने पेड़ गिर ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पास जलभराव से कमजोर हुए पेड़, तेज हवा में गिरे सात।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पास जलभराव से कमजोर हुए पेड़, तेज हवा में गिरे सात।

HighLights

  1. विश्वविद्यालय के सामने जलभराव से सात पेड़ गिरे।

  2. एक पेड़ गिरने से शाहगंज-जौनपुर मार्ग बाधित हुआ।

  3. कमजोर पेड़ों का तकनीकी निरीक्षण आवश्यक, सुरक्षा चिंता बढ़ी।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने माइनर से जुड़े नाले में जलभराव से पुराने पेड़ों की जड़ें कमजोर हो गई हैं। जिला प्रशासन की ओर से नाले की सफाई कराकर उसमें पानी भरवाया गया था। लगातार पानी भरे रहने के बाद तेज बारिश और हवा के बीच बीती रात विश्वविद्यालय परिसर और सामने करीब सात पेड़ गिर गए। इनमें एक पेड़ शाहगंज-जौनपुर मार्ग पर गिरने से कुछ घंटे बड़े वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।

मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने के बाद बड़े वाहनों को दूसरी पटरी से निकालना भी जोखिम भरा रहा। सड़क की स्थिति को देखते हुए वाहन असंतुलित होकर पलट सकते थे। इस वजह से कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। पेड़ हटाए जाने के बाद आवागमन सामान्य हो सका।मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास अभी कई पुराने पेड़ खड़े हैं। नाले में पानी भरे रहने से उनकी जड़ों के आसपास की मिट्टी कमजोर हुई है।

बारिश के दौरान मिट्टी के और नरम होने तथा तेज हवा चलने पर इन पेड़ों के भी गिरने का खतरा बना हुआ है। यह क्षेत्र विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और राहगीरों की आवाजाही वाला है, इसलिए पेड़ों की स्थिति को लेकर सुरक्षा चिंता बढ़ गई है।जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिला प्रशासन को पहले ही पत्र भेज चुका है।

इसमें जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने का अनुरोध किया गया है। लगातार पेड़ों के गिरने की घटना के बाद नाले में पानी की स्थिति नियंत्रित करने के साथ ही आसपास के पुराने पेड़ों का तकनीकी निरीक्षण कराना जरूरी हो गया है, ताकि कमजोर पेड़ों की पहचान कर समय रहते सुरक्षा उपाय किए जा सकें।