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ट्रेन में आपकी रिजर्व सीट पर कोई दूसरा कर ले कब्जा तो रेलवे भरेगा हर्जाना, उपभोक्ता फोरम का फैसला

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:04 PM (IST)

अधिवक्ता की आरक्षित सीट पर अनधिकृत कब्जा और दुर्व्यवहार के मामले में उपभोक्ता फोरम ने रेलवे पर ₹13,637 का हर्जाना ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. अधिवक्ता की आरक्षित सीट पर अनधिकृत कब्जा।

  2. रेलवे की सेवा में कमी मानी गई।

  3. रेलवे पर ₹13,637 का हर्जाना लगा।

जागरण संवाददाता, जौनपुर। लखनऊ से जौनपुर आ रहे अधिवक्ता की आरक्षित विंडो सीट पर अनधिकृत लोगों द्वारा कब्जा करने व यात्री को हुई असुविधा को लेकर किए गए परिवाद पर उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह व सदस्य गीता ने रेलवे के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक पर 13,637 रुपये हर्जाना लगाया है। धनराशि 45 दिन में परिवादी को अदा करने का आदेश दिया है।

यह है पूरा मामला

घनश्याम प्रसाद ओझा एडवोकेट निवासी रुहट्टा थाना कोतवाली ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक डीआरएम कार्यालय हजरतगंज, लखनऊ के खिलाफ 28 अप्रैल 2025 को परिवाद दाखिल कि वह लखनऊ से जौनपुर का रिजर्वेशन टिकट लेकर शटल एक्सप्रेस से 23 मार्च 2025 को आ रहे थे।

परिवादी अपनी विंडो सीट नंबर पांच पर बैठा था। तभी तीन लोग जिनका सीट नंबर 6 था, विंडो सीट पर बैठने के लिए परिवादी को गाली गलौज देने लगे। मारपीट पर आमादा हो गए। परिवादी ने 139 नंबर पर रेलवे को सूचना दिया।

वहां से कहा गया कि निहालगढ़ स्टेशन पर आपकी समस्या हल हो जाएगी। टीटीई को भी समस्या बताई गई, लेकिन निहालगढ़ पहुंचने पर तीनों अज्ञात लोग परिवादी का कॉलर पड़कर गाली देते हुए जबरन नीचे उतार दिया।

परिवादी ने जौनपुर ट्रैवल एजेंसी को फोन कर गाड़ी मंगवाया और 5500 रुपये भाड़ा देकर जौनपुर आया। रेलवे की गलती की वजह से परिवादी को काफी आर्थिक नुकसान हुआ व मानहानि हुई।

रेलवे क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी

परिवादी की ओर से अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने विधि व्यवस्थाओं का हवाला दिया, जिसमें उल्लेख था कि यदि आरक्षित सीट पर अनधिकृत यात्रियों द्वारा कब्जा किया जाता है और यात्री को आरक्षित सीट नहीं मिलती और असुविधा होती है तो वह रेलवे की सेवा में कमी मानी जाएगी और रेलवे क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी होगा।

फोरम ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आदेश दिया कि आरक्षित सीट पर अनधिकृत यात्रियों द्वारा कब्जा किए जाने एवं यात्री को आरक्षित सीट न मिलना सेवा में कमी है।

फोरम ने टिकट के मूल्य 137 रुपये, गाड़ी के भाड़ा 5500 रुपये व इस धनराशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज, शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये क्षतिपूर्ति तथा परिवाद व्यय के लिए 3000 रुपये क्षतिपूर्ति 13,637 रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश दिया।