पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 39वां स्थापना दिवस मना, बोले कुलपति - 'सामूहिक प्रयास से नई ऊंचाइयों को छुएगा'
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने अपना 39वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया, जहां कुलपति ने सामूहिक परिश्रम से नई ऊंचाइयों ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 39वां स्थापना दिवस: कुलपति ने कहा - सामूहिक प्रयास से होगा विकास।
HighLights
विश्वविद्यालय ने 39वां स्थापना दिवस गरिमापूर्ण माहौल में मनाया।
कुलपति ने सामूहिक परिश्रम और समर्पण का महत्व बताया।
एनसीसी कैडेट्स ने स्वच्छता और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 39वां स्थापना दिवस समारोह गरिमापूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री और विश्वविद्यालय के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि से हुआ।कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पीके यादव ने स्वागत भाषण देते हुए कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह का ऑनलाइन संदेश पढ़कर सुनाया।
अपने संदेश में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की 39 वर्षों की यह स्वर्णिम विकास यात्रा सामूहिक परिश्रम, समर्पण और परस्पर सहयोग का प्रतिफल है। यदि शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें, तो संस्थान को उपलब्धियों के नए शिखर पर ले जाया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, अनुशासन के साथ-साथ खेलकूद को भी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया।समारोह में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने गांधी जी व शास्त्री जी के आदर्शों पर प्रकाश डाला। वहीं, अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ आचार्य प्रो. मानस पांडेय ने विश्वविद्यालय की विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए छात्र-छात्राओं को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा दी।
आयोजन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी राज नारायण सिंह व उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत रामधुन ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। वहीं एनसीसी कैडेट्स ने एक भव्य साइकिल यात्रा निकालकर लोगों को स्वच्छता, स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति जागरूक किया।कार्यक्रम के अंत में मुख्य कुलानुशासक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने सभी आगतों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर भारी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
