जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर): वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय एवं विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में हिदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। आनलाइन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय एवं टीएम विश्वविद्यालय भागलपुर के पूर्व कुलपति प्रोफेसर प्रेमचंद्र पातंजलि ने कहा कि हिदी को समाज, न्यायपालिका, शासन, प्रशासन और राजनीति में जो स्थान मिलना चाहिए था वह नहीं मिल पाया। आज की पीढ़ी अपनी मातृभाषा पर गर्व क्यों नहीं कर पा रही है यह चिता का विषय है। उन्होंने कहा कि अग्रेजों से आजादी मिल गई लेकिन अंग्रेजी की दासता से मुक्ति नहीं मिल पाई है। जिस भाषा पर हम गर्व नहीं कर सकते वह लोकप्रिय नहीं हो सकती। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश मोनिका एस गर्ग ने कहा कि नैतिक मूल्यों और संस्कृति की बचपन की बातें आज भी हिदी में ही याद आती है। अपने सांस्कृतिक मूल्य और इतिहास हिदी में आबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी हिदी को बढ़ावा देने की बात है, जो कि भविष्य के लिए सुखद है। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.निर्मला एस मौर्या ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की अस्मिता एवं पारंपरिक संस्कृति की पहचान भाषा से होती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शीघ्र ही स्नातकोत्तर अनुवाद डिप्लोमा प्रारम्भ करेगा। समारोह में स्वागत मानद पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. मानस पाण्डेय एवं विषय की पृष्ठ भूमि पर संयोजक एवं संकायाध्यक्ष डा.मनोज मिश्र ने प्रकाश डाला। आयोजन सचिव डा. दिग्विजय सिंह राठौर ने संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. विद्युत मल ने किया। इस मौके पर कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह, प्रो.एचसी पुरोहित, प्रो.अविनाश पाथर्डीकर, प्रो.अजय द्विवेदी, प्रो.अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रो.वीडी शर्मा, प्रो.देवराज सिंह, डा.विनोद सिंह, डा.राकेश कुमार यादव, डा.राजकुमार सोनी, डा. जगदेव, डा. प्रमोद यादव, डा. गिरिधर मिश्र, डा.रसिकेश, डा.मनोज पांडेय आदि ने प्रतिभाग किया।

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