जागरण संवाददाता, जौनपुर: बड़े तालाबों पर हुए अतिक्रमण को मुक्त कराकर उन्हें पर्यटन की दृष्टि से संवारा जाएगा। तालाबों पर आस-पास के लोगों ने कब्जा कर रखा है। पूर्व में कुछ की पैमाइश कराकर अतिक्रमणकारियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। कुछ समय बाद हालात पहले जैसे ही हो गए। इसे ध्यान में रखते हुए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ दोबारा अभियान चलाया जाएगा। चिन्हित तालाबों की सूची राजस्व विभाग को भी दी जाएगी, जिससे वहां किसी प्रकार अवरोध न उत्पन्न हो। तालाबों के किनारे पर्यावरण की दृष्टि से पौधारोपण भी कराया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के साथ हरियाली भी बनी रहे।

अस्तित्व खो रहे तालाबों को माडल तालाबों के रूप में विकसित करने के बाद जिले के कुछ बड़े तालाबों का न सिर्फ कायाकल्प किया जाएगा, बल्कि उन्हें पर्यटन की दृष्टि से भी बेहतर बनाया जाएगा। दो बड़े ताल गूजर व आरा के अलावा सुजानगंज स्थित रेहूआ ताल को भी इस कड़ी में शामिल किया गया है। आरा ताल 135 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला है, जबकि गूजर ताल का दायरा 108 हेक्टेयर है। रेहूआ ताल भी तकरीबन सौ एकड़ क्षेत्रफल में फैला है। इसके अलावा बक्शा ब्लाक के भोसिला ताल व सराय विभार को भी इस कड़ी में शामिल किया गया है। तालाब के आस-पास पक्षियों का बसेरा बढ़ाने के लिए अलग-अलग किस्म के पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही इन तालों को जैव विविधता केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

गूजर ताल व आरा ताल मत्स्य विभाग के अधीन हैं, जिन्हें अलग रूप देने को वन विभाग कुछ क्षेत्र में पौधारोपण के लिए इस्तेमाल करेगा। इससे पक्षियों की सुरक्षा हो सकेगी, वहीं अन्य पक्षियों के रहने का भी ठिकाना बन सकेगा। इतना ही नहीं तालाबों को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा, जिससे लोगों की आवाजाही बढ़ सके।

बोले अधिकारी..

बड़े तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर मनरेगा से इन्हें पर्यटन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान में राजस्व विभाग की भी मदद ली जाएगी।

-भूपेंद्र सिंह, उपायुक्त मनरेगा।

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