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पूविवि में स्वयान बूटकैंप के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने सीखी ड्रोन कैलिब्रेशन और पीआईडी कंट्रोलर की कार्यप्रणाली

By khalid shah Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 13 Oct 2026 04:45 PM (IST)

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय और सी-डैक, नोएडा के 'स्वयान' बूटकैंप के दूसरे दिन छात्रों ने ड्रोन तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक ...और पढ़ें

पूविवि के 'स्वयान' बूटकैंप में छात्रों ने सीखी ड्रोन कैलिब्रेशन और पीआईडी कंट्रोलर की बारीकियां।

पूविवि के 'स्वयान' बूटकैंप में छात्रों ने सीखी ड्रोन कैलिब्रेशन और पीआईडी कंट्रोलर की बारीकियां।

HighLights

  1. ड्रोन तकनीक, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक घटकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण।

  2. मिशन प्लानर सॉफ्टवेयर से ड्रोन कैलिब्रेशन का प्रदर्शन।

  3. पीआईडी कंट्रोलर की कार्यप्रणाली और स्थिरता समझाई गई।

जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय और सी-डैक, नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय ‘स्वयान’ बूटकैंप के दूसरे दिन विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक घटकों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों से जोड़ना और उनके तकनीकी कौशल को विकसित करना है।

सी-डैक, नोएडा की प्रोजेक्ट इंजीनियर किरण वालिया ने ड्रोन के प्रमुख घटकों और विभिन्न इंटीग्रेटेड सर्किट (आईसी) की जानकारी देते हुए कहा कि फ्लाइट कंट्रोलर ड्रोन का ब्रेन होता है।किसी भी इलेक्ट्रॉनिक घटक का उपयोग करने से पहले उसकी डेटा शीट और तकनीकी विशिष्टताओं को समझना जरूरी है। उन्होंने मिशन प्लानर सॉफ्टवेयर के माध्यम से ड्रोन कैलिब्रेशन का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया।

इसके बाद प्रोजेक्ट इंजीनियर ईशा गुप्ता ने विद्यार्थियों को पीआईडी कंट्रोलर की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली ड्रोन की स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की कम्युनिकेशन लैब में आयोजित अभ्यास सत्र में विद्यार्थियों ने ड्रोन के विभिन्न घटकों को जोड़ने और उनकी संयोजन प्रक्रिया को समझने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

इससे उन्हें सैद्धांतिक जानकारी को व्यावहारिक रूप में सीखने का अवसर मिला।कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, शैलेश प्रजापति, सुधीर सिंह, डॉ. रीतेश बरनवाल, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. ज्योति पी. सिंह, डॉ. पारुल त्रिवेदी, पूनम सोनकर, प्रीति शर्मा, विशाल यादव, तुषार श्रीवास्तव, जया शुक्ला, सौरभ वी. कुमार और प्रेमचंद सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।