जागरण संवाददाता, जौनपुर: तमाम दावों के बाद भी स्टेशनों की व्यवस्था में खास बदलाव नहीं हुआ। नगर समेत अन्य स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। पानी की किल्लत का भी समाधान नहीं हो सका है। स्टेशनों पर खराब पड़े हैंड पंप कई बार शिकायतों के बाद भी दुरुस्त नहीं हो सके। साथ ही तमाम स्टेशनों पर टोटियों को भी जानबूझकर तोड़ा जा रहा है।

जौनपुर जंक्शन पर यात्रियों का दबाव तो बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं। प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने की जगह नहीं है। प्लेटफार्म संख्या पांच की बीते काफी समय से सफाई ही नहीं हुई। आईआरसीटीसी द्वारा लगवाए गया आरओ भी कभी-कभी ही चलता है। साथ ही प्लेटफार्म संख्या दो व तीन पर लगे नल टूटे हुए हैं। रेलवे प्रशासन की ओर से दलील दी जाती है कि नलों को ठीक कराया जाता है, लेकिन बाहरी लोग इन्हें तोड़ देते हैं। सिटी स्टेशन पर भी यात्रियों के लिए पानी का अभाव है। इलाहाबाद, वाराणसी, सुल्तानपुर व फैजाबाद रेल प्रखंडों को जोड़ने वाले सबसे बड़े जफराबाद जंक्शन पर भी पानी की आपूर्ति महज एक हैंडपंप के भरोसे है। नल टूटे होने से रोजना पानी बर्बाद हो रहा है। यहां 80 से अधिक ट्रेनों का ठहराव होता है, जिसमे कई एक्सप्रेस ट्रेनें हैं। बावजूद इसके यात्रियों को पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर गंभीरता से प्रयास नहीं किया गया। इससके अलावा बदलापुर, बख्शा व जंघई रेलवे स्टेशन पर भी पानी की भारी किल्लत है। सिरकोनी रेलवे स्टेशन पर तो यात्री जाने से भी कतराते हैं। प्लेटफार्म पर लगी ईंटे पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। स्टेशन पर यात्रियों को बैठने के लिए जगह नहीं है। प्लेटफार्म बनाने की योजना भी रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। इतना ही नहीं कर्मचारियों के जर्जर हुए आवास पर भी किसी का ध्यान नहीं है।